अंतर्जनपदीय स्थानांतरण प्रक्रिया के तहत जिले को 67 नई शिक्षिका मिल गई हैं। ऑनलाइन किए गए आवेदनों के बाद प्रदेश स्तर पर हुई अंतर्जनपदीय स्थानांतरण प्रक्रिया में शिक्षिकाओं को गृह जनपद मिल गया है। हालांकि अभी तक उन्हें स्कूलों का आवंटन नहीं हो सका है, जिस कारण शिक्षिका परेशान हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग में अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के बाद जनपद निवासी 67 शिक्षिकाओं की घर वापसी हो गई है। जबकि यहां तैनात 28 शिक्षकों को उनके गृह जनपद भेज दिया गया है। स्थानांतरण प्रक्रिया में सभी सहायक अध्यापिका शामिल है। हालांकि अभी तक विद्यालय न मिलने के कारण शिक्षिका बीएसए कार्यालय पर आकर रजिस्टर में उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। ऐसेे में महिला शिक्षक अपने स्कूल में नियुक्ति के लिए अधिक परेशान हैं। उनकी मांग है कि जो शिक्षिका ज्वाइन नहीं कर सकी हैं, उनको छोड़कर अन्य शिक्षिकाओं को ज्वाइनिंग कराते हुए विद्यालय आवंटित करा दिए जाए। जिससे वह अपने स्कूलों में पहुंचकर शिक्षण कार्य शुरू कर सकें। स्थानांतरित हुई शिक्षिका सहारनपुर, बरेली, पीलीभीत आदि स्थानों से आई हैं।
- अभी शिक्षिकाओं की नहीं हो सकी ज्वाइनिंग
बीएसए गीता वर्मा ने बताया कि स्थानांतरित शिक्षकों 28 जून तक बीएसए कार्यालय पर ज्वाइनिंग करानी थी। अभी तक कुछ शिक्षिकाओं ने ज्वाइनिंग नहीं किया है। कार्यालय पर ही हाजिरी लगवाई जा रही है। पूरे जनपद के विद्यालयों से रिक्त चल रहे शिक्षकों की सूची मंगाई जा रही है। सूची आने पर तिथि घोषित करते हुए प्राचार्य डायट की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाएगी। जिसमें बीएसए सचिव, प्रधानाचार्य जीआईसी और डीएम द्वारा नामित जीआईसी प्रधानाचार्य होंगे। यह समिति काउंसलिंग के माध्यम से अंतर्जनपदीय स्थानांतरित शिक्षकों स्कूलों का आवंटन करेंगी। हमारा प्रयास रहेगा कि यह प्रक्रिया जल्दी से समाप्त होकर शिक्षण कार्य शुरू हो।
स्कूूलों की सुधरेगी हालत
जनपद के ऊन क्षेत्र में सबसे ज्यादा शिक्षकों की कमी के चलते काफी स्कूल बंद होने की कगार पर है। ऊन ब्लाक में करीब 20 से 25 स्कूल ऐसे है जिनमें एक भी शिक्षक तैनात नहीं है। सभी अन्य स्कूलों से चालू रखने के लिए एक-एक शिक्षक को अटैच कर रखा था। अगर समिति द्वारा खाली रिक्तियों के अनुसार स्कूलों में शिक्षकों का आवंटन किया गया तो ऊन क्षेत्र व कैराना क्षेत्र के ऐसे सभी स्कूल बंद होने से बच जाएंगे। क्योंकि जनपद से केवल 28 शिक्षक गए हैं और 67 शिक्षिकाएं आई हैं। शिक्षकों की संख्या में इजाफा हुआ है। जनपद में सबसे ज्यादा खराब हालत ऊन ब्लाक के स्कूलों की है।