शामली। कैराना ब्लाक के बीनड़ा, धनेना और भिक्का माजरा गांव में आयोजित दस दिवसीय किसान पाठशालाओं का समापन हो गया। सीडीओ रेणू तिवारी ने किसानों को जैविक खाद को खेती में प्रयोग करने पर जोर दिया। उन्होंने फसल की आय बढ़ाने पर जोर दिया।
शुक्रवार को बीनड़ा गांव के प्राथमिक विद्यालय में आयोजित किसान पाठशाला का शुभारंभ सीडीओ रेणू तिवारी ने फीता काटकर और दीप प्रज्ज्वलित करके किया। उन्होंने कहा कि किसान को कीट रोगों से बचाव पर ध्यान देना होगा। उपनिदेशक कृषि डाक्टर रामवीर कटारा ने कहा कि किसान कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं से लाभ प्राप्त करने के पंजीकरण अवश्य कराएं। किसान अपनी भूमि की खतौनी, आधार कार्ड तथा बैंक पास बुक की फोटो प्रति लाकर पंजीकरण करा सकते है। किसानों को अनुदान की राशि उनके खाते में भेजी जाएगी। गेहूं और सरसों के बीज के उपचार के लिए थिरम रसायन का प्रयोग करें। भूमि संशोधन के लिए ट्राईकोडरमा का प्रयोग करें। कृषक पर्यावरण संतुलन करने, फसल लागत कम करने और उत्पादन में वृद्धि के लिए एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन का प्रयोग कर सकते है। इस मौके पर कृषि विशेषज्ञ वीरेंद्र सिंह ने किसानों को दीपक कीट के नियंत्रण के लिए नीम की खली दस क्विटंल प्रति हेक्टेयर या क्यूबेरिया बेसियाना का प्रयोग करें। गेहूं में पीला रस्ट रोग नियंत्रण के लिए प्रोपीकानाजोल रसायन की 500 मिलीलीटर मात्रा का छिड़काव कर सकते है। उप परियोजना आत्मा डाक्टर सुबोध कुमार, जिला कृषि अधिकारी डाक्टर हरीशंकर, प्रवीण कुमार, नरेश कुमार, मांगेराम, बिजेंद्र कुमार, राजपाल प्रधान, रफल सिंह, ओमपाल, सतपाल सिंह, प्रमोद आदि किसान मौजूद रहे। धनेना गांव में हुई किसान पाठशाला में जयदेव मलिक, यशपाल सिंह, एटीएम विशाल कुमार, प्रधान जितेंद्र सिंह, विजयपाल, सुखपाल, वेदपाल, राजवीर, महिपाल मौजूद रहे। भिक्का माजरा में सन्नी मलिक, धर्मेंद्र प्रधान, नवीन, निखिल, चंद्रवीर, महावीर आदि मौजूद रहे।