पहाड़ों पर तीन दिन तक चली बरसात थम गई। इससे यमुना नदी का जल स्तर भी करीब एक मीटर नीचे खिसक गया और फिलहाल बाढ़ जैसा खतरा टल गया है। शनिवार को हथनीकुंड बैराज से 7164 क्यूसेक पानी यमुना नदी में छोड़ा गया।
तीन दिन से पहाड़ों पर लगातार बारिश होने से यमुना नदी में अब तक 80 हजार क्यूसेक पानी हथनीकुंड बैराज से छोड़ा जा चुका है। शुक्रवार की रात करीब 12 बजे कैराना यमुना पुल पर जलस्तर 228 मीटर दर्ज किया गया। शनिवार दोपहर 12 बजे तक यमुना का जलस्तर 227.50 मीटर रिकार्ड किया गया है। ड्रेनेज खंड के सहायक अभियंता यासीन खान ने बताया कि कैराना यमुना पुल पर बाढ़ खतरे का चेतावनी बिंदु 230.50 और बाढ़ खतरे का लाल निशान 231 मीटर है। यमुना का जल स्तर एक मीटर बढ़ने के बाद घटना शुरू हो गया है। उन्होंने बताया कि कैैराना तहसील के कलरी गांव में यमुना का जलस्तर बढ़ने के साथ बाढ़ सुरक्षा सामग्री पहले ही मंगाकर रख दी गई है। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में कटान रोकने के लिए लकड़ियों और बल्लियों का मचान बनाने शुरू कर दिया जाएगा। उधर, डाक पत्थर कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार सुबह 11 बजे तक यमुना नदी में 12,312 क्यूसेक पानी था। इसमें तीन हजार क्यूूसेक यमुना नदी और ट्रांस नदी में 9,313 क्यूसेक शामिल था। हथनी कुंड बैराज से सिंचाई विभाग के जेई अशोक कुमार ने बताया कि पहाड़ों पर बारिश बंद होने से जलस्तर में कमी आई है।
ऐसे बढ़ा यमुना का जलस्तर
दिन छोड़ा गया पानी
बुधवार 15 हजार क्यूसेक
बृहस्पतिवार 30 हजार क्यूसेक
शुक्रवार 35, 976 क्यूसेक
शनिवार 7164 क्यूसेक