शामली। शामली और बलवा के बीच 12 दिन पहले ट्रेन पलटाने की कोशिश करने वाले आरोपियों की तलाश में लगभग 150 सीसीटीवी कैमरे खंगालने के साथ ही 20 संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर चुकी हैं, लेकिन पुलिस को अभी कोई ठोस सुराग नहीं लग पाया है।
31 मई की रात को दिल्ली से शामली आ रही पैसेंजर ट्रेन को शामली व बलवा के बीच पलटाने की कोशिश की गई थी। आरोपियों ने निकट के नलकूप का 20 फीट लंबा लोहे का पाइप उखाड़कर रेलवे लाइन पर रख दिया था। इसके साथ ही सीमेंट का बड़ा पाइप (बंबा) और कुछ पत्थर के टुकड़े रखे गए थे। लोको पॉयलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक लिया था, जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया था।
रात में ही रेलवे और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। स्टेशन मास्टर आशीष सैनी की तरफ से शहर कोतवाली में अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
एसपी रामसेवक गौतम ने इस घटना के खुलासे के लिए थाना कोतवाली पुलिस के अलावा एसओजी, क्राइम ब्रांच और सर्विलांस टीमों को लगाया हुआ है। इसके अलावा जीआरपी व आरपीएफ भी अपने स्तर से आरोपियों की तलाश में जुटी है। पुलिस इस मामले में अभी तक 20 से ज्यादा संदिग्ध लोगों से पूछताछ करने के अलावा 150 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल चुकी हैं, लेकिन अभी तक आरोपियों के बारे में ठोस सुराग नहीं तलाश पाई है।
यह मामला संवेदनशील इसलिए भी है कि रेल यात्रियों की जान पर आफत बनी थी। इससे अंदेशा इस बात का भी है कि कहीं इस घटना के पीछे कोई आतंकी मकसद या अन्य कोई बड़ी वजह तो नहीं है। इसी को लेकर यात्री भी चितित है। दै निक यात्री संघ ने भी इस घटना में पूरी गंभीरता से जांच करके इसकी तह तक पहुंचने की मांग की है तकि ऐसा करने वालों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।
एसपी रामसेवक गौतम का कहना है कि इस मामले में पुलिस टीमें लगी हुई हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कुछ संदिग्ध चिन्हित कर लिए गए हैं। उनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही इस घटना का खुलासा किया जाएगा।