किसान सहकारी समिति और साधन सहकारी समितियों के संचालकों का चुनाव छिटपुट विवादों के बीच शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। जिलेभर में 28 समितियों के 146 संचालकों के लिए अपराह्न तीन बजे तक मतदान हुआ, जिसके बाद मतगणना होने पर चुनाव परिणाम घोषित कर दिए गए। चुनाव में जीतने वाले प्रत्याशी और उनके समर्थक जश्न मनाते नजर आए।
जिले में 28 समितियां के 252 संचालकों का चुनाव होना था, जिसमें 102 संचालक निर्विरोध चयनित हो गए। वहीं, 146 संचालकों के लिए सोमवार सुबह करीब नौ बजे मतदान प्रारंभ हुआ। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदान करने वालों की भीड़ लग गई। लंबी लाइन में लगकर वोट डाले गए। इस दौरान सभी मतदान केंद्रों पर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस तैनात रहीं, जबकि अतिसंवेदनशील और संवेदनशील मतदान केंद्रों पर पुलिस के अलावा पीएसी के जवान भी तैनात रखे गए। जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेटों ने भी मतदान केंद्रों पर पहुंचकर जायजा लिया। सहायक निबंधक समिति संजीव कुमार तिवारी ने बताया कि जिले के सभी पांचों ब्लाकों की 28 समितियों के 146 संचालकों का चुनाव संपन्न हो गया है। मंगलवार को सभापति और उपसभापति पदों के लिए चुनाव संपन्न कराया जाएगा।
चौसाना में सिपाही से भिड़ा पूर्व विधायक का भतीजा
चौसाना। सहकारी समिति चौसाना के संचालक पदों के चुनाव के लिए सोमवार को गहमागहमी रही। एक प्रत्याशी के समर्थक और सिपाही के बीच हाथापाई तक हो गई। मतदान केंद्र पर झगड़े की सूचना मिलने पर अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा, जिसके बाद मामला शांत हो सका।
चौसाना में शामली बस स्टैंड के पास स्थित सहकारी समिति कार्यालय में सोमवार को मतदान प्रारंभ हुआ। इसी दौरान मतदान को लेकर एक प्रत्याशी के समर्थक और सिपाही के बीच कहासुनी के बाद हाथापाई तक हो गई। हंगामा होने पर पुलिस ने लाठियां फटकारी। आरोप है कि सिपाही के साथ भिड़ने वाला पूर्व विधायक का भतीजा और उसका साथी गांव सुंदरनगर निवासी था। चौकी इंचार्ज नेमचंद सिंह का कहना है कि सिपाही से मामूली कहासुनी हुई थी, हाथापाई नहीं है, लेकिन मामले की जांच की जाएगी।