पहाड़ों पर बारिश के चलते यमुना नदी एक बार फिर उफन आई है। सोमवार दोपहर हथिनीकुंड बैराज से 94 हजार क्यूसेक पानी यमुना नदी में छोड़ा गया। सिंचाई विभाग के अफसरों ने वेस्ट यूपी के शामली, सहारनपुर, बागपत, गाजियाबाद और राजधानी दिल्ली को अलर्ट कर दिया है। हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी का असर मंगलवार की सुबह तक शामली जिले में दिखाई देना शुरू हो जाएगा।
पिछले 15 दिनों में यमुना का जलस्तर घट बढ़ रहा था। दो दिनों से पहाड़ो पर बारिश होने से सोमवार की सुबह छह बजे से यमुना का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया था। सुबह छह बजे यमुना का जलस्तर 25 हजार क्यूसेक रिकार्ड किया गया था। दोपहर दो बजे यमुना का जलस्तर 94,290 क्यूसेक पहुंच गया। कैराना यमुना पुल पर तैनात केंद्रीय जल आयोग के अधिकारियों ने बताया कि रविवार की शाम से यमुना का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया था। सोमवार दोपहर 12 बजे तक यमुना नदी का जलस्तर 229.10 मीटर तक पहुंच गया था। मंगलवार की सुबह तक यमुना का जलस्तर खतरे के चेतावनी बिंदु तक पहुंचने की संभावना हैं। प्रभारी डीएम रेनू तिवारी ने बताया कि ड्रेनेज खंड, एसडीएम कैैराना और ऊन से यमुना के जलस्तर की जानकारी लेकर बाढ़ चौकियों को अलर्ट किया जा रहा है। हथिनीकुंड बैराज के अधिशासी अभियंता विकास त्यागी ने बताया कि यदि यमुना नदी में एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ दिया जाता है, तो बाढ़ की स्थिति पैदा हो जाएगी।