अमर उजाला ब्यूरो
शामली। गांव सिंभालका में अस्थायी रूप से बनाई गई गोशाला में ठंड और खाई में गिरने से पांच गोवंश की मौत हुई है, जबकि कई गोवंश बीमार है। इसकी सूचना पर पहुंचे पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने गोशाला पहुंचकर जांच की और बीमार गोवंश का उपचार किया।
प्रशासन द्वारा आवारा घूमने वाले गोवंश के लिए गांव सिंभालका में अस्थायी गोशाला बनाई गई है। इसमें चारों तरफ गहरी खाई बनाई गई, ताकि यहां रहने वाले गोवंश इधर-उधर न जा सके। गोशाला में अभी तक न तो दीवार का निर्माण हुआ है और न ही बारिश और ठंड से बचने के लिए कोई इंतजाम किए गए। ग्रामीणों के मुताबिक 24 घंटे में गोशाला में छोड़े गए छह गोवंश की मौत हो गई जबकि कई गोवंश बीमार चल रहे हैं। मरने वालों में अधिकतर कम उम्र के गोवंश शामिल है। गोवंश की मौत होने की सूचना पर प्रशासन में हड़कंप मच गया। शुक्रवार को पशु चिकित्सा विभाग की टीम तेजपाल सिंह के नेतृत्व में पहुंची और मामले की जांच कर बीमार गोवंश का उपचार किया। तेजपाल सिंह ने बताया कि गोवंश की मौत का कारण कुछ ठंड लगना रहा है जबकि दो-तीन गोवंश खाई में गिरकर मरे है। आसपास खेत होने के कारण गोवंश उन्हें खाने के लिए खाई को पार करते समय उसमें गिर गए, जिससे उनकी मौत होना बताया गया है। कई गोवंश खेतों पर लगाए गए ब्लेड वाले तार की चपेट में आकर घायल भी हुए है, जिनका उपचार किया गया है। इस संबंध में ग्राम प्रधान अवनीश उर्फ पिंकू ने चार-पांच गोवंश की मौत होना बताते हुए कहा कि प्रशासन ने कई दिन पहले कुछ गोवंश बुटराड़ा से यहां भेजे थे, जो पहले से बीमार होने के कारण उनका उपचार चल रहा था। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाक्टर राजेश कुमार ने बताया कि दो तीन गोवंश की मौत होने की जानकारी मिली है। जांच के बाद ही मौत के कारण का पता चल सकेगा।