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13 घंटे बाद मिले चाचा भतीजे के शव

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13 घंटे बाद मिले चाचा भतीजे के शव
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जलालाबाद (शामली)। गांव चंदेनामाल में रविवार रात कृष्णा नदी में डूबे चाचा-भतीजे के शव 13 घंटे के बाद मिलने पर कोहराम मच गया। सोमवार सुबह दोनों के शव मिले। परिवार के सदस्यों पर गम का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार के लोगों ने शवों का पोस्टमार्टम कराए बगैर ही दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया।
जलालाबाद क्षेत्र के गांव चंदेनामाल निवासी रजत (18) पुत्र ओम सिंह अपने भतीजे युवराज (12 ) पुत्र कुलदीप के साथ कृष्णा नदी के किनारे बने रपटा पुल पर ट्रैक्टर की धुलाई करने गए थे। रविवार रात करीब छह बजे वह दोनों कृष्णा नदी में डूब गए थे। रजत और युवराज को बचाने के प्रयास में गांव का ही एक युवक भी बाल बाल बचा था। शोरशराबा होने पर ग्रामीणों की भीड़ मौके पर इकट्ठा हो गई थी। इसके बाद दोनों को नदी से तलाशना शुरू किया गया था।
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इसके बाद. अपर जिलाधिकारी केबी सिंह और सहायक पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने यमुना नदी पर तैनात 44 वीं बटालियन पीएसी के गोताखोरों को बुलाया गया। देर रात तक युवराज और रजत को नदी में तलाशा गया। बाद में पानी का बहाव तेज होने के कारण रात करीब दो बजे तलाश बंद कर दी गई थी। वहीं, सोमवार सुबह पांच बजे गोताखोरों द्वारा फिर से सर्च अभियान चलाया गया। छह बजे युवराज का शव मिला, जबकि उसके एक घंटे बाद सात बजे रजत शव नदी से बरामद किया गया। युवराज और रजत की मौत से परिवार में कोहराम मच गया, तो पूरा गांव शोक में डूब गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा भरवाया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास किया। हालांकि रजत के पिता ओम सिंह ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। इसके बाद एसडीएम अरविंद सिंह, सीओ थानाभवन अरविन्द सिंह राठौर, एसओ कृष्ण कुमार, चौकी प्रभारी पवन सैनी, नायब तहसीलदार सुरेंद्र सिंह ने कहा कि आर्थिक सहायता दिलाने के लिए पोस्टमार्टम जरूर कराना चाहिए, लेकिन परिवार के लोग तैयार नहीं हुए। इसके बाद दोनों के शव परिजनों को सौंप दिए गए। इसके बाद परिजनों ने दोनों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया।


इकलौता था युवराज
हादसे में मारा गया युवराज अपने परिवार में इकलौता बेटा था। परिवार में उसकी छोटी बहन है, जो महज आठ साल की है। युवराज का शव मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया, तो छोटी बहन भी बिलख बिलखकर रोती रही।
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मिट्टी खनन के गड्ढे बने काल की वजह
कृष्णा नदी से ग्रामीणों द्वारा मिट्टी खनन किया जाता है। जहां हादसा हुआ, वहां भी खनन के कारण गहरे गड्ढे हो गए थे। चार दिन से हुई भारी बारिश के चलते कृष्णा नदी में भी पानी का तेज बहाव आया। इसी वजह से रविवार रात नदी में डूबे युवराज और रजत गड्ढे की दलदल मे फंस गए और दोनों की जान चली गई।
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