बाबरी। करौदा हाथी के लविश मलिक ने ईरान में हुई वॉलीबाल प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन कर टीम को जीत दिलाकर जनपद और क्षेत्र का नाम रोशन किया। रविवार को गांव पहुंचने पर खिलाड़ी का फूल मालाओं से जोरदार स्वागत किया। वहीं गठवाला खाफ के बाबा श्यामसिंह ने पगड़ी पहनाकर आशीर्वाद दिया।
गांव करौदा हाथी निवासी लविश पुत्र अजेंद्र मलिक यूपी के बांदा जिले में आदर्श इंटर कॉलेज में पढ़ाई करता है और वह वॉलीबाल का खिलाड़ी है। मार्च में उसने औरंगाबाद कैंप में हिस्सा लिया था। यह कैंप करीब तीन माह तक चला। जिसके बाद खिलाड़ी का चयन वॉलीबाल की अंडर 18 टीम में हुआ था। जिसके बाद वॉलीबाल फेडरेशन ऑफ इंडिया की टीम में 29 जून से छह जुलाई तक ईरान के शहर तबरीज में आयोजित हुई एशियन यूथ वॉलीबाल चैंपियनशिप में हिस्सा लेकर अच्छा प्रदर्शन कर जनपद व गांव का नाम रोशन किया है। लविश के दादा देवेंद्र कुमार ने भी 1961-62 में सातवें स्कूल नेशनल गेस्म में यूपी की ओर से प्रतिभाग किया था और प्रथम स्थान प्राप्त कर गोल्ड मेडल जीता था। वह बागपत में एक शिक्षक और उनके पिता साधारण किसान है। खिलाड़ी लविश ने बताया कि चैंपियनशिप में 20 देशों की टीमों ने प्रतिभाग किया था। जिसमें भारत की टीम ने 6 मैच खेले और अच्छा प्रदर्शन करते हुए टीम ने 4 मैच जीतकर एशिया में सातवां स्थान प्राप्त किया।
जिसमें पहला मैच भारत व ओमान के बीच हुआ। जिसमें 3-1 से मैच जीता। दूसरा मैच भारत व कजाकिस्तान के साथ हुआ। जिसे 3-0 से हराया। तृतीय मैच भारत व चीन के बीच खेला गया। चीन को 3-2 से मैच हराया। वहीं चौथा मैच भारत व आस्ट्रेलिया के बीच खेला गया और टीम ने आस्ट्रेलिया की टीम को 3-0 से हराते हुए फाइनल जीत दर्ज की। टीम में सबसे अच्छा प्रदर्शन लविश मलिक, आयुष व मुकुल राणा ने किया। रविवार को गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने जोरदार स्वागत किया वहीं बाबा श्यामसिंह ने पकड़ी पहनाकर आशीर्वाद देते हुए बधाई दी। इस दौरान महाराजा सूरजमल स्कूल के प्रबंधक श्यामसिंह, हरबीर मलिक, देवेंद्र, विरेंद्र, बिरसपाल, बलबीर सिंह, राजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।