श्राद्ध पखवाड़ा शुरू होने से मांगलिक कार्य बंद हो गए हैं। तृतीय-चतुर्थी तिथि संयुक्त होने से एक तिथि कम होगी। श्राद्ध पखवाड़ा बुधवार से शुरू होकर 20 सितंबर बुधवार तक जारी रहेगा। इस दौरान श्रद्धालु अपने पितरों के पिडंदान करके पुण्य का लाभ सकेंगे।
पंडित कुशलानंद जोशी के अनुसार मुख्य रूप से पूर्णिमा तिथि से 15 दिवसीय श्राद्ध पखवाड़ा बुधवार से शुरू हो गया है। श्राद्ध पखवाड़ा 20 सितंबर अमावस्या तिथि को समाप्त होगा। श्राद्ध पखवाड़ा में मांगलिक कार्य बंद हो गए है। श्राद्ध के समय श्रद्धालु अपने पितरों का घरों व धार्मिक स्थल हरिद्वार, बद्रीनाथ, केदारनाथ, इलाहाबाद, वाराणसी, उज्जैन, बिहार के गया आदि स्थानों पर पितरो के पिंडदान करने का नियम है। श्राद्ध पक्ष में श्रद्धालु सुबह के समय गाय, कौओं, कुत्तों भोजन दान करने का नियम हैं। श्राद्ध बुधवार से शुरू होकर बुधवार बीस सितंबर अमावस्या को समाप्त होंगे। 21 सितंबर से लेकर 30 सितंबर तक श्रीदुर्गा के नवरात्र व्रत एवं विशेष पूजा अर्चना होगी। 30 सितंबर को विजयदशमी का त्यौहार मनाया जाएगा।