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जिले में यूपी बोर्ड में इंटर के 12617 छात्र-छात्राएं होंगे प्रोन्नत

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जिले में यूपी बोर्ड में इंटर के 12617 विद्यार्थी होंगे प्रोन्नत
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शामली। राज्य सरकार ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए यूपी बोर्ड 2021 की इंटर की परीक्षा को निरस्त कर दिया है। जिले में इंटर के 12617 छात्र-छात्राएं प्रोन्नत होंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक सरदार सिंह ने बताया कि जिले में इंटर की बोर्ड परीक्षा-2021 में कुल 12617 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इनमें संस्थागत 11841 और व्यक्तिगत 776 विद्यार्थी शामिल हैं। बृहस्पतिवार को राज्य सरकार ने यूपी बोर्ड की इंटर की परीक्षा को निरस्त करने का निर्णय लिया है। इसके चलते सभी विद्यार्थियों को अगली कक्षा के लिए प्रोन्नत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यूपी बोर्ड-2021 की इंटर की परीक्षा शासन द्वारा निरस्त किए जाने की जानकारी मिली है।
यूपी बोर्ड-2021 इंटर में छात्र-छात्राओं की स्थिति
संस्थागत छात्र 7036
संस्थागत छात्रा 4805
व्यक्तिगत छात्र 589
व्यक्तिगत छात्रा 187
कुल 12617
बोले प्रधानाचार्य, शासन के फैसले से सहमत
- कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए शासन ने बोर्ड की इंटर की परीक्षा को निरस्त कराने को जो निर्णय लिया है, उससे मैं सहमत हूं। परीक्षा के दौरान अगर संक्रमण फैल जाता तो बच्चों को स्वस्थ रखना मुश्किल हो जाता। बच्चों के स्वास्थ्य व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार का फैसला उचित है। - डॉ. रुचिता ढाका, प्रधानाचार्या श्री जैन कन्या इंटर कालेज शामली।
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सरकार ने बच्चों के हित में परीक्षा रद्द करने का लिया गया निर्णय सही है। इससे मेरिट में आने वाले बच्चों को नुकसान हो सकता है। अच्छे अंक लाने के लिए कड़ी मेहनत करने वाले मेधावी बच्चों के साथ औसत दर्जे के बच्चे भी परीक्षा के दौरान मेहनत कर आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं। उन्हें पता होता है कि आगे चलकर एडमिशन मेरिट के आधार पर ही होगा। प्रोन्नत होने पर बच्चों को एक यह नुकसान होगा कि आगे चलकर यह कहा जाएगा कि ये बच्चे कोरोना काल में प्रोन्नत हुए हैं। ऐसे में उनकी योग्यता पर भी सवाल खड़ा हो सकता है। - लोकेंद्र सिंह, प्रधानाचार्य आरके इंटर कालेज शामली।
कोरोना महामारी के प्रकोप को देखते हुए यूपी बोर्ड इंटर की परीक्षा रद्द करने का निर्णय छात्रों के हित में है, लेकिन जिन बच्चों ने पूरे वर्ष अध्यापकों के मार्गदर्शन में कड़ी मेहनत की है, उन्हें अपनी प्रतिभाग दिखाने का मौका नहीं मिलेगा। होनहार छात्र मायूस है। - देवेंद्र राणा, प्रधानाचार्य देवी उमराकौर वैदिक इंटर कालेज बनत।
ये बोले विद्यार्थी
बच्चों के सामने इंटर की बोर्ड परीक्षा को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी कि परीक्षा होगी या नहीं। कोरोना संक्रमण की भयावह स्थिति के कारण पढ़ाई बेहद प्रभावित हुई, जिस कारण परीक्षा की अच्छे से तैयारी नहीं हो पाई थी। - रजत कुमार, छात्र विज्ञान वर्ग आरके इंटर कालेज शामली।
विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा की तैयारी को लेकर बेहद तनाव में थे कि क्या होगा, कैसे परीक्षा होगी। इस बार अधिक अंक लाने के लिए मेहनत के साथ परीक्षा की तैयारी की थी। मगर कोरोना महामारी के मद्देनजर सरकार का निर्णय छात्रों के हित में है। - ईशा शर्मा, छात्रा कृषि वर्ग आरके इंटर कालेज शामली।
ऐसा नहीं है कि परीक्षा न होने से पढ़ाई बेेकार चली जाएगी। आगामी प्रतियोगी परीक्षा में वह हमारे काम आएगी। इस बार परीक्षा के लिए समय भी अधिक मिला था, इसलिए तैयारी भी अच्छी है। कोरोना महामारी को लेकर परीक्षा निरस्त करना सरकार का सही निर्णय है। - सानिया मंसूरी, छात्रा जैन कन्या इंटर कालेज शामली।
पूरे वर्ष जो मेहनत की है, ऑनलाइन पढ़ाई की है। उसकी परीक्षा देने से आत्मविश्वास बढ़ता है। साथ ही भविष्य में होने वाली परीक्षा की तैयारियों का पता चलता है। परंतु कोरोना महामारी को देखते हुए सरकार का निर्णय सही है। - अलीशा मिर्जा, छात्रा श्री जैन कन्या इंटर कालेज शामली।
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बोर्ड परीक्षा की पूरे साल मेहनत कर अच्छी तैयारी की है, लेकिन परीक्षा न होने का मलाल रहेगा। इंटर की परीक्षा होने से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का भी पता चलता है, लेकिन इस समय जो परिस्थितियां है, उसे देखते हुए सरकार का फैसला सही है। - हर्ष हुड्डा, श्री सत्यनारायण इंटर कालेज शामली।
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