बदला जज्बात से नहीं दिमाग से लिया जाता है : वीके सिंह
अमर उजाला ब्यूरो
शामली। केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह ने पुलवामा की घटना पर कहा कि आज देश की सारी जनता बदला चाहती है ,लेकिन बदला जज्बात से नहीं दिमाग से लिया जाता है।
जनरल वीके सिंह पुलवामा में आतंकी आत्मघाती हमले में शहीद अमित के अंतिम संस्कार में शामिल होने आए थे। शहर के टंकी रोड स्थित शमशान घाट पर उन्होंने बातचीत में पुलवामा घटना के बाद देश में उठ रही बदले की आवाज पर कहा कि हिंदुस्तान की जनता इस घटना से दुखी ओर आक्रोशित है। आज हिंदुस्तान की सारी जनता बदला चाहती है, लेकिन बदला लेने को दिमाग से काम लिया जाता है। जज्बात से नहीं। सरकार सख्त कदम उठाएगी लोग थोड़ा धैर्य रखें। इसके लिए रणनीति बनाई जा रही है।
देश में कोई भी शहीद हुआ हो वह कहीं का भी हो। उसके परिवार के लिए दुख संवेदना होनी चाहिए। उस परिवार का साथ देने की तमन्ना होनी चाहिए। अपने शहीद पर गर्व होना चाहिए। सरकार को अपने वीर जवानों पर पूरा भरोसा है। हमें ऐसे शहीदों के परिवारों पर गर्व है जो अपने ओर बच्चों को भी सेना में भेजना चाहते हैं। सिंह ने शहीद जवान अमित को श्मशान घाट पहुंचकर श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों को सांत्वना। उन्होंने परिजनों को भरोसा दिया कि सरकार उनके साथ है। उनके बेटे ने देश के लिए शहादत दी है। उसका बलिदान खाली नहीं जाएगा।
डेढ़ घंटे आम लोगों के बीच बैठे रहे जनरल वीके सिंह
शामली। केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह दोपहर करीब साढ़े 12 बजे शामली टंकी रोड स्थित श्मशान घाट पहुंच गए थे। यही पर अमित के शव का अंतिम संस्कार होना था। यहीं पर प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा, सीआरपीएफ और आरएएफ के अधिकारी और सलामी देने वाली गारद भी मौजूद थे। बताया गया था कि कुछ देर में शव यात्रा पहुंचने वाली है, लेकिन बाद में समाधि स्थल की मांग को लेकर हुए बखेड़े के चलते शव घंटो तक नहीं पहुंचा। आरपीएफ और आरएएफ के अधिकारी भी मामला जानने को चले गए। गन्ना मंत्री मामला सुलझाने के लिए निकल गए। हालांकि जनरल सिंह वहीं स्थानीय भाजपा नेता और आम जनता के बीच करीब डेढ़ से दो घंटे तक शव आने के इंतजार में बैठे रहे।