ऊन। अधिवक्ताओं का सामान ऊन तहसील प्रांगण से हटवाने पर हंगामा हो गया। तहसीलदार की कार्रवाई से गुस्साए अधिवक्ता तहसील में ही धरना देकर बैठ गए और नारेबाजी की। हंगामे की सूचना पर पहुंचीं तहसीलदार ने उनके साथ बैठक करके शीघ्र ही भूमि की पैमाइश कराने का आश्वासन दिया।
चेंबर की भूमि आवंटित किए जाने के विरोध में ऊन तहसील दिवस के अधिवक्ताओं का बेमियादी धरना चल रहा था। एडीएम ने अधिवक्ताओं को तहसील के पास पुलिस चौकी ऊन के बराबर में दो बीघा जमीन देने का आश्वासन दिया गया था। बुधवार को तहसील में अधिवक्ताओं ने अस्थाई रूप से मेज कुर्सी डालकर बैठ गए और काम शुरू कर दिया। जिस पर तहसीलदार चंद्रकांता ने पुलिस फोर्स मंगवाकर अधिवक्ताओं को तहसील प्रांगण से हटवा दिया और उनका सामना बाहर कर दिया। इस बात से नाराज होकर अधिवक्ता तहसील में धरने पर बैठ गए। बाद में तहसीलदार ने वकीलों के बीच पहुंची और विचार-विमर्श किया। तहसीलदार ने अधिवक्ताओं को राजस्व टीम भेज कर जमीन की पैमाइश कराने का आश्वासन दिया।
तहसील बार एसोसिएशन ऊन के अध्यक्ष सम्राट सिंह ने बताया कि जब तक उनका कोई समाधान नहीं होता, तो ऊन तहसील प्रांगण के अंदर अस्थाई बैठने की व्यवस्था कराई जाए। जिस पर तहसीलदार ने अधिवक्ताओं को साफ साफ मना कर दिया। तहसीलदार ने कहा कि अधिवक्ताओं को दी जाने वाली जमीन की जुताई कराने का आश्वासन दिया। इस संबंध में अधिवक्ता और तहसीलदार के बीच लगभग एक घंटे तक वार्ता हुई। मौके पर महासचिव राकेश रवि सिरोही, सतीश कंडेला, भारत भूषण, नवीन सरोहा रोहित, सोन,ू मोनू, जोगिंदर सिंह, जगदेव सिंह, वीरेंद्र सिंह, मोनिका गर्ग, अनुज अखलाक, शादाब, तसव्वर चौहान, सचिन मलिक, सुमित शर्मा, सतवीर सिंह, नीरज चिकारा, बृजेश वशिष्ठ, सैफर खान, विनय आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।