कांधला से छात्र के अपहरण की कोशिश
शामली।
दो युवकों ने बच्चे के अपहरण की कोशिश की और आंखों पर काली पट्टी बांधकर ट्रेन में बैठा लिया। किसी तरह बच्चे ने आंखों की पट्टी खोली और शामली जीआरपी को रेलवे स्टेशन पर इसकी सूचना दी। इसके बाद सूचना पर पहुंचे परिजन बच्चे को अपने साथ ले गए।
कांधला के गांव रसूलपुर निवासी परमाल का 10 वर्षीय छात्र आर्यन बृहस्पतिवार शाम साइकिल से खेत की ओर जा रहा था। बताया जाता है कि रास्ते में मिले दो युवकों ने उसको रोक लिया तथा पूछा की कहा जा रहा है। इस पर आर्यन ने कहा कि ताऊ के पास जा रहा हूं। दोनों युवकों ने बच्चे को कहा कि चलो हम ताऊ के पास ले चलते हैं और उसकी साइकिल छीनकर वही फेंक दी और उसकी बालक की आंखों पर काली पट्टी बांधकर उसको शामली ओर जा रही ट्रेन में बैठा दिया। कुछ दूर चलने के बाद जब ट्रेन में सवार अन्य लोगों ने बच्चे को देखा तो उनको शक हुआ। उन्होंने उसकी आंखों से पट्टी खोली। बच्चे के अनुसार वह हींड स्टेशन पर ट्रेन से नीचे उतर गया। सहारनपुर की ओर से आ रही ट्रेन में बैठ लिया। किसी तरह शामली रेलवे स्टेशन पर वह उतरा और वहां पर खड़े लोगों को सारी बात बताई। इसकी सूचना जीआरपी को दी गई। जीआरपी ने बच्चे का माता-पिता का नाम पता कर उनको सूचना दे दी। जिसके बाद बच्चे के परिजन मौके पर पहुंचे और उनको बच्चा सौंप दिया गया।
फायरिंग की सूचना पर दौड़ी पुलिस
कैराना। क्षेत्र के गांव भूरा में दो पक्षों में किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। इसी दौरान किसी ने गांव में फायरिंग की सूचना दे दी। भूरा गांव में फायरिंग होने की सूचना पर पुलिस में हड़कंप मच गया। भारी संख्या में पुलिस मौके पर पहुंच गई। पता चला कि मामला आपसी कहासुनी सुनी का है। उधर, गांव में होने वाली जिला पंचायत सदस्य के चुनाव को मद्देनजर देर रात पुलिस ने गांव में फ्लैग मार्च किया। कोतवाली पुलिस के अनुसार फायरिंग की सूचना मिली थी, लेकिन मामला आपसी कहासुनी का निकला।