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फर्जी क्लीनिक, अस्पताल चले तो अब सीएचसी प्रभारी भी होंगे जिम्मेदार

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अवैध रूप से संचालित अस्पतालों पर कसेगी नकेल
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शामली।
स्वास्थ्य महकमे के अधिकारी झोलाछाप डाक्टरों और अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम के संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने का मन बना लिया है। सोमवार को सीएमओ ने ऐसे क्लीनिक और डाक्टरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीएचसी प्रभारियों के भी पेंच कस दिए। सीएमओ ने निर्देश जारी करते हुए सीएचसी प्रभारियों को भी इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने नई व्यवस्था लागू करते हुए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
जिले में अवैध रूप से संचालित अस्पताल, क्लीनिक और पैथोलॉजी लैब जिले में संचालित की जा रही है। इन पर नकेल कसने के लिए जिले में एक-एक डाक्टर की नोडल के रूप में तैनाती की जाती है। अकेला डॉक्टर और एक बाबू को पूरे जिले में चल रहे फर्जी क्लीनिक और उनके खिलाफ आई जांचों के बारे में जांच करती होती है। ऐसे में काम सही तरीके से नहीं हो पाता, लेकिन अब इन डाक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए सीएमओ डाक्टर राजकुमार ने नई व्यवस्था लागू की है। उन्होंने जिले के सभी सीएचसी और पीएचसी प्रभारियों को इसके लिए जिम्मेदार बना दिया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी पत्र के अनुसार जिस भी सीएचसी या फिर पीएचसी के अंतर्गत फर्जी क्लीनिक, अस्पताल या फिर मेडिकल संबंधित काम अवैध रूप से होता पाया जाता है तो संबंधित सीएचसी, पीएचसी प्रभारी इसके लिए जिम्मेदार होंगे।
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चिह्नीकरण कर नोडल को कराना होगा अवगत
सीएमओ ने निर्देश दिए कि सभी सीएचसी और पीएचसी प्रभारियों को अपने क्षेत्रों में अवैध रूप से संचालित अस्पताल, क्लीनिक, पैथोलॉजी लैब, अल्ट्रासाउंड सेंटर को चिह्नीकरण करना होगा और इसकी रिपोर्ट संबंधित नोडल को भेजनी होगी। उसके बाद जिला स्तर से गठित टीम द्वारा संबंधित सीएचसी प्रभारी को लेकर मौके पर छापा मारकर कार्रवाई की जाएगी।
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यदि अवैध रूप से क्लीनिक, अस्पताल, अल्ट्रासाउंड सेंटर, पैथोलॉजी लैब या फिर कोई फर्जी डाक्टर प्रेक्टिस करते हुए पाया जाता है तो उसके लिए संबंधित सीएचसी, पीएचसी प्रभारी भी जिम्मेदार रहेंगे और उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी
-डाक्टर राजकुमार
सीएमओ
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