हर रूट पर मौत बनकर दौड़ रहे डग्गामार वाहन
शामली। एआरटीओ से लेकर पुलिस की लापरवाही के कारण जिले में जिधर देखो उधर सड़कों पर बेतरतीब ढंग से यात्रियों को भरकर डग्गामार वाहन फर्राटा भर रहे हैं। विभाग चेकिंग के नाम पर कागजों का पेट भरकर अपने कर्तव्यों का इतिश्री कर लेते हैं। सिस्टम की रखवाली करने का दावा करने वाले अधिकारी यदि सोते नहीं तो आज पांच लोगों की अपनी जिंदगी से हाथ नहीं धोना पड़ता।
शामली जिले से पानीपत, करनाल, गंगोह, सहारनपुर, बागपत, मेरठ, मुजफ्फरनगर सहित कई रूट पर प्राइवेट बसों का संचालन हो रहा है। इनमें बसें, मिनी बस और जीप भी खुलेआम चल रही हैं। कहने को एआरटीओ और पुलिस की जिम्मेदारी है कि डग्गामार वाहनों के संचालन पर रोक लगाए, लेकिन मौत बनकर दौड़ते इन वाहनों पर व्यवस्था लीपापोती करती रहती है। जनपद में यमुना ब्रिज से मुजफ्फरनगर, कैराना से गंगोह, शामली से वाया थानाभवन - गंगोह, शामली - भौराकला मार्ग, शामली -बिडौली, शामली-झिंझाना-ऊन मार्ग पर प्राइवेट बसों के परमिट जारी हो रहे हैं। इसके अलावा भी अन्य कई रूटों पर बगैर परमिट वाले वाहनों का संचालन भी खूब हो रहा है। कैराना पानीपत मार्ग पर जीपों का संचालन होता है, जो पूरी तरह अवैध है। उधर, डग्गामार वाहनों में सवारियां बैठाने का नियम भी निर्धारित है। इसके बावजूद बसों, जीप और मिनी बसों में तय मानक से ज्यादा सवारियां बैठाई जाती हैं। रोजाना ही बसों की छतों और खिड़कियों पर यात्री सवार रहते हैं। शहर के बीच अजंता चौक, धीमानपुरा, गुरुद्वारा तिराहे से इन बसों का संचालन होता है। इसके बावजूद इसके पुलिस प्रशासन और एआरटीओ को नियमों का उल्लंघन दिखाई नहीं देता।
पांच माह में मात्र 60 के खिलाफ कार्रवाई
एआरटीओ मुंशीलाल के मुताबिक अप्रैल से अब तक 60 डग्गामार वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इनमें से 15 चालान अगस्त माह में किए गए। इसके अलावा पुलिस द्वारा भी डग्गामार वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
हादसे के बाद जागा प्रशासन
शामली। बृहस्पतिवार दोपहर जलालाबाद-गंगोह मार्ग पर यात्रियों से भरी मिनी बस पलटने के बाद जब लोगों ने हंगामा किया और डग्गामार वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, तब अधिकारियों की नींद टूटी। दोपहर बाद शामली से चलने वाले डग्गामार वाहनों का संचालन बंद करा दिया गया। एआरटीओ ने चार बसें मुजफ्फरनगर मार्ग एसटी तिराहे पर खड़ी करा दी। उधर, वाहनों का संचालन बंद होने से गुरुद्वारा तिराहा, धीमानपुरा, अजंता चौक, विजय चौक और अन्य स्थानों पर यात्रियों की भीड़ लगी रही।
पूर्व में हुए हादसे
- वर्ष 2011 में कैराना- भूरा मार्ग ट्रक की टक्कर से बस में सवार 17 लोगों की मौत हो गई थी।
- दो साल पूर्व मेरठ मार्ग पर गांव झाल के पास बस पलटने से 50 लोग घायल हो गए, जबकि एक की मौत हो गई थी
- डेढ़ महीना पूर्व ही मेरठ करनाल हाईवे पर बिड़ौली के पास ट्रैक्टर से टकराने के बाद बस पलटी, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 68 यात्री घायल हुए थे
- एक साल पूर्व गढ़ीपुख्ता- ऊन मार्ग पर अनियंत्रित बस पलटने से 12 लोग घायल हुए।
- छह महीना पूर्व ही सहारनपुर मार्ग पर सिक्का गांव के पास अनुबंधित पलटने पर 20 से ज्यादा यात्री घायल हो गए।
- तीन महीना पूर्व ऊन क्षेत्र में स्कूल बस पलटने पर 10 से ज्यादा छात्राएं घायल हो गई थीं।