शामली। आर्य समाज के ऋषि बोध सप्ताह के तहत आईआईए के पूर्व चेयरमैन नरेंद्र अग्रवाल के आवास पर वैदिक यज्ञ एवं भजन प्रवचन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बिजनौर से आए आर्य भजनोपदेशक कुलदीप आर्य ने कहा कि भवसागर से पार जाने को ईश्वर की भक्ति करना जरूरी है। परमात्मा की प्राप्ति के लिए मन में ज्ञान का उजाला करना होगा।
ऋषि बोध सप्ताह के आठवें एवं अंतिम दिन प्रात:काल आर्य समाज मंदिर से प्रभात फेरी निकाली गई। इसके बाद वैदिक यज्ञ का आयोजन किया गया। वैदिक यज्ञ के मुख्य यज्ञमान नरेंद्र अग्रवाल के दामाद उत्तराखंड विद्युत विभाग के डीजीएम विद्युत पंकज अग्रवाल, पुत्री रितु अग्रवाल, पुत्र नवीन अग्रवाल, पुत्रवधू अल्पना अग्रवाल, विशाल अग्रवाल, रजनी अग्रवाल, अजय, विष्णु गुप्ता, शुभी गुप्ता रहे। आर्य समाज के पुरोहित डॉक्टर रविदत्त आर्य ने यज्ञ संपन्न कराया। मुख्य यज्ञमान को आर्य साहित्य भेंट किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक तेजेंद्र निर्वाल, बिजनौर से आर्य समाज के विद्वान डॉक्टर विष्णु मित्र वेदार्थी और व्यापारी नेता घनश्याम दास गर्ग रहे। स्त्री आर्य समाज से नीलम आर्य ने भजन सुनाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
भजनोपदेशक कुलदीप आर्य ने कहा परमपिता परमात्मा की प्राप्ति के लिए अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर शास्वत ज्योति ईश्वर में ध्यान लगाए। परमात्मा ने मानव शरीर सतकर्मों को करने के लिए प्रदान किया है। कष्ट और क्लेश मिटाने को जीवन की यह नाव मिली है। ऋषि दयानंद ने कहा था कि परमात्मा की भक्ति के साथ राष्ट्रभक्ति करना भी जरूरी है। डॉ. विष्णुमित्र वेदार्थी ने कहा कि महर्षि दयानंद ने पूरा जीवन मानव जाति के कल्याण के लिए अर्पित कर दिया। देवेंद्र आर्य ने कविता प्रस्तुत की। संचालन वेद प्रकाश आर्य ने किया। मौके पर आर्य समाज के संरक्षक रघुवीर सिंह आर्य, प्रधान विनोद आर्य, मंत्री देवेंद्र आर्य, रविकांत आर्य, आर्य विद्यासभा के प्रधान राजपाल आर्य, मंत्री दिनेश आर्य, जेके जैन, आशीष जैन, पूरणचंद आर्य, रामेश्वर दयाल आर्य, वेदप्रकाश आर्य, रमेश विश्वकर्मा, सत्यप्रकाश अग्रवाल, सुरेंद्र आर्य, महेश, मुकेश चौधरी, सूर्यवीर सिंह, मनोज, मनोज वर्मा, रवि, मुकेश चौधरी, विनोद शास्त्री, सुनीता पाल, कौशल्या आर्य, मिथलेश आर्य, ऋषिका आर्य, अनीता आर्य आदि मौजूद रहे।