आयुष्मान योजना में वेस्ट यूपी में पहला सीजेरियन केस
अमर उजाला ब्यूरो
शामली। श्रमिक की गर्भवती पत्नी की शुक्रवार को हालत बिगड़ गई। आसपास के डॉक्टरों ने बड़े अस्पताल ले जाने की सलाह दी। उसने पत्नी को शहर के निजी अस्पताल ले गया, जहां आपरेशन के बाद नवजात बच्चे को जन्म दिया। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि आयुष्मान योजना में आपरेशन से डिलीवरी का वेस्ट यूपी का यह पहला केस है।
झिंझाना क्षेत्र के यारपुर निवासी निवासी सुभाष मजदूर है। रोज जो कमाता है उसी से घर के दो वक्त की रोटी का इंतजाम होता है। परिवार में दो बेटियां हैं। उसकी पत्नी पिंकी गर्भवती थी। शुक्रवार दोपहर को महिला की अचानक तबियत खराब हो गई। आसपास के निजी चिकित्सकों को दिखाया, लेकिन सबने हाथ खड़े कर दिए । बड़े अस्पताल में ले जाने की सलाह दी गई। बड़े अस्पताल में इलाज कराने को रुपये नहीं थे। सुभाष को याद आया कि उसका आयुष्मान योजना में गोल्डन कार्ड बना हुआ है। वो तुरंत इस योजना के पैनल में शामिल कैराना रोड स्थिति प्राइवेट अस्पताल में पत्नी को लेकर पहुंचा। चेक अप के बाद बताया गया कि गर्भ में पल रहे बच्चे की धड़कन बहुत तेज है। पिंकी को भी डिलीवरी का दर्द नहीं हो रहा था। जच्चा और बच्चा दोनों को रिक्स था। चिकित्सकों ने परिजनों की सहमति से तुरंत आपरेशन कर डिलीवरी की। महिला ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। शुक्रवार रात पिंकी मां बनी तो पूरे परिवार में खुशी छा गई। इससे पहले पिंकी को दो बेटियां घर में ही नार्मल डिलीवरी से हुई थी। आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी एसीएमओ सुशील कुमार ने दावा किया कि आयुष्मान योजना के तहत शुक्रवार को शहर के शांतिकेयर अस्पताल में हुआ ये आपेरशन सिजेरियन डिलीवरी का वेस्ट यूपी का पहला केस है। यदि सुभाष सरकारी अस्पताल में आता तो जिले के छह अस्पतालों में आपरेशन की सुविधा थी।
जिले में 36 हजार पात्र
शामली। एसीएमओ के अनुसार आयुष्मान योजना में जनपद में कुल 36,552 पात्र हैं। इन्हें पांच लाख रुपये का सरकार की तरफ से निशुल्क उपचार कराया जाएगा। इनमें से करीब 9800 लोगों के कार्ड बन चुके हैं। बाकी के बनाने की प्रक्रिया चल रही है।
योजना के लिए अधिकृत अस्पताल
शांतिकेयर अस्पताल शामली
गंगा अमृत अस्पताल शामली
बोहरा नर्सिंग होम शामली
गेटवेल अस्पताल शामली
किरण नेत्र चिकित्सालय शामली
शामली ,कैराना, कांधला, ऊन थानाभवन और कुड़ाना सीएचसी