जिला उद्यान विभाग की ओर से उद्यान मेला एवं किसान गोष्ठी में दूसरे दिन भी किसानों को आम, अमरूद, केला, लीची, आडू, अनार आदि फलों में लगने वाली बीमारियों और उपचार के बारे में बताया गया। उन्होंने मधुमक्खी पालन को बढ़ावा दिए जाने पर जोर दिया।
बुधवार सुबह दस बजे भैसवाल रोड स्थित कृषि उत्पादन मंडी स्थल पर जिला उद्यान विभाग की ओर से उद्यान गोष्ठी आयोजित की गई। जिसमें दूसरे दिन सहारनपुर से आए औद्यानिक प्रशिक्षण केंद्र से वैज्ञानिक डॉक्टर अशोक कुमार ने बताया कि जिले में बागवानी खेती की संभावना है। यहां फल और फूलों की खेती को विकसित किया जा सकता है। आम, अमरूद, लीची, आडू, तरबूज, खरबूजा, अनार, स्ट्राबेरी को बढ़ावा दिए जाने पर जोर दिया। इस मौके पर ऊन, थानाभवन, शामली, कैराना, कांधला ब्लॉक के किसान मौजूद रहे। जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि गोष्ठी के बाद जिले के 60 किसानों को करनाल के घरौड़ा कस्बे में सब्जी के सेंटर ऑफ एक्सीलेटी पर ले जाकर शिमला मिर्च, टमाटर, खीरा आदि सब्जियों के साथ-साथ लहसुन, प्याज की खेती का अवलोकन किया। किसानों ने करनाल में पशुपालन डेयरी अनुसंधान केंद्र में भैंस, गाय की उन्नतशील नस्लों को देखा।