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राशन वितरण में चल रहा खेल, लोगों ने किया जमकर हंगामा

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चौसाना।
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गांव में राशन वितरण में खेल किया जा रहा है, जिसके विरोध में लोगों ने जमकर हंगामा प्रदर्शन किया। ग्राहकों का कहना है कि राशन डीलर सबको अलग अलग रेट पर राशन वितरण कर रहा।
चौसाना में राशन वितरण की दो दुकान हैं। जिसमें एक दुकान जावेद राव के नाम पर है, जबकि दूसरी दुकान कामिल के नाम पर है। विगत दिनों शासन स्तर से हुई जांच में पाया गया कि 700 फर्जी राशन कार्डों पर वर्षों तक घोटाला कर खाद्यान्न गबन किया गया। जिसके बाद कामिल की दुकान को सस्पेंड कर भड़ी के राशन डीलर से अटेच कर दिया गया। पिछले दो महीनों से भड़ी गांव का ही राशन डीलर वितरण कर रहा है। रविवार को गेहूं, चावल का वितरण चल रहा था। सरकारी गल्ले की दर के हिसाब से अपात्र व्यक्ति के परिवार को दो रुपये किलोग्राम की दर से गेहूं, तीन रुपये किलोग्राम की दर से चावल मिलना चाहिए, लेकिन गांव में एक परिवार के लिए अधिकतम सात यूनिट पर 15 किलोग्राम खाद्यान्न (10 किलो गेहूं, पांच किलो चावल ) 50 रुपये में दिया गया। जिसका सरकारी मूल्य 35 रुपये बनता है।
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सुबह से दोपहर तक 100 से भी ज्यादा परिवारों को इस रेट पर राशन दिया गया तो कंवरपाल ने इसका विरोध किया। जिस पर महिलाओं ने अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। कुछ महिलाओं का आरोप था कि उनके आने से पहले ही उनके कार्ड पर दूसरे परिवार को राशन दे दिया गया। हंगामा बढ़ता देख राशन डीलर ने अपनी सफाई में बताया कि अधिक मूल्य केवल उन परिवारों से लिया गया जिनको ग्राम प्रधान की पर्ची पर राशन दिया जा रहा था। वो सभी अपात्र व्यक्ति हैं जिनका विभाग की सूची में नाम नहीं है। पात्रों को उचित मूल्य पर ही राशन वितरित किया गया है। ग्रामीणों ने मामले की जांच कराए जाने की मांग की है।
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