जिला मुख्यालय पर पशु चिकित्सालय में डिस्ट्रिक डायग्नोस्टिक लैब का निर्माण मार्च 2018 तक पूरा हो जाएगा। प्रथम चरण में 32 प्रतिशत कार्य हो गया है। लैब में पशुओं के गोबर, खून की जांच के साथ ही एक्सरे और अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी मिल सकेगी।
अभी तक प्रदेश के सिर्फ तीन जिलों में ही डायग्नोस्टिक लैब की सुविधा हैं, जिनमें मुजफ्फरनगर, लखनऊ और गोरखपुर शामिल हैं। प्रदेश की सपा सरकार ने शामली समेत प्रदेश के 72 जिलों में डायग्नोस्टिक लैब की स्थापना की स्वीकृति दी थी। उसके लिए प्रथम किश्त के रूप में प्रत्येक जिले को 17-17 लाख रुपये की धनराशि जारी की गई थी। अप्रैल माह में डायनोस्टिक लैब का निर्माण शुरू हो गया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी राजेश सैनी ने बताया कि डायग्नोस्टिक लैब का निर्माण 31 मार्च 2018 तक पूरा होना है। अभी तक 32 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। उन्होंने बताया कि लैब का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद शासन से अल्ट्रासाउंड, पैथोलोजिस्ट डॉक्टरों एवं अन्य स्टाफ की नियुक्ति होगी।