शामली। कांधला स्थित अनन्तमयी जैन कन्या हाईस्कूल में प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक के पदों पर नियुक्ति में नियमों को ताक पर रखकर भर्ती कर दी गई। मामले की शिकायत होने पर जिलाधिकारी ने जांच कराई, तो इसकी पोल खुल गई। अब जिलाधिकारी ने तत्कालीन बीएसए के खिलाफ कार्रवाई कराने और नियुक्ति निरस्त कराने के लिए अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा विभाग को पत्र भेजा है।
इस मामले की शिकायत मुजफ्फरनगर निवासी मनोज गुप्ता, प्रकाश एंड कंपनी ने गत दो मई को की थी। आरोप लगाया था कि ग्राम बहावड़ी और कांधला के अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में रिक्त शैक्षिक पदों पर प्रबंधन और शिक्षा विभाग की मिलीभगत से प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक की भर्ती में अनियमितता बरती गई है। तब इस संबंध में तत्कालीन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर ने 15 मई को पत्र भेजकर हाईकोर्ट में दायर याचिका का हवाला देते हुए अनन्तमयी जैन कन्या हाईस्कूल कांधला में नियमानुसार नियुक्ति प्रक्रिया कराने की बात कही थी। इसके बाद डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने एडीएम से इस प्रकरण की जांच कराई। पता चला कि प्रधानाध्यापक के एक और सहायक अध्यापक के छह पदों के लिए तीन जून को साक्षात्कार हुए, जिसमें प्रधानाध्यापक पद के लिए 8 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से पांच ने साक्षात्कार दिया, जबकि सहायक अध्यापकों के तीन रिक्त पदों के लिए 19 आवेदन आए और उनमें से 9 आवेदकों का साक्षात्कार हुआ।
रिक्तियों के संबंध में ऐसे दो समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित कराया गया, जिनका प्रसार कम होने की वजह से ज्यादा आवेदन नहीं आ सके, जबकि विज्ञापन प्रकाशित कराने के लिए ली गई अनुमति में इसका भी उल्लेख किया था कि राष्ट्रीय समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित कराया जाए। यह भी कहा गया कि कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव की वजह से दो जून तक आदर्श आचार संहिता लगी थी। उसके ठीक अगले दिन तीन जून को साक्षात्कार की तारीख नीयत कर दी गई।
वहीं, चार जून को बीएसए चंद्रशेखर का स्थानांतरण मथुरा जनपद में हो गया। इसके बावजूद तत्कालीन बीएसए ने नियुक्तियों के लिए अनुमोदन कर दिया और बगैर दिनांक लिखे हस्ताक्षर किए गए। जिलाधिकारी ने दो दिन पूर्व ही विद्यालय में हुई नियुक्ति निरस्त कराने और तत्कालीन बीएसए चंद्रशेखर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए अपर मुख्य सचिव (बेसिक शिक्षा) को पत्र भेजा है।
सभासदों ने बोर्ड बैठक मेें नहीं बुलाने पर जताई आपत्ति
शामली। नगर पंचायत बनत के सभासद कंवरपाल, गो विंदा और सुनीता ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर शिकायत पत्र दिया। आरोप लगाया कि बृहस्पतिवार को नगर पंचायत में बोर्ड बैठक बुलाई गई, लेकिन उसमें उन्हें नहीं बुलाया गया। सभासदों के पास बैठक का एजेंडा भी नहीं भेजा गया। उनकी मांग है कि इसकी जांच कराई जाए। क्योंकि बोर्ड बैठक में सभी सभासदों को एजेंडा भेजकर बुलाने की व्यवस्था है।