मुजफ्फरनगर के सांप्रदायिक दंगे में फैसला करने के संबंध में पहल हुई है। दिल्ली में पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के आवास पर हुई बैठक में शामली और मुजफ्फरनगर से दोनों संप्रदाय के लोगों ने हिस्सा लिया। लोगों ने कहा कि मामले में समझौता होना चाहिए, जिसके लिए एक समिति का गठन भी किया गया।
मंगलवार को दिल्ली में पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के आवास पर बैठक के दौरान लोगों ने कहा कि 2013 में मुजफ्फरनगर के सांप्रदायिक दंगे में दोनों ही संप्रदाय के लोगों को बड़ा नुकसान हुआ और समाज में खाई पैदा हो गई, जिसकी भरपाई नहीं हो पा रही है। प्रस्ताव रखा गया कि मामले में दोनों संप्रदाय के लोगों के बीच फैसला होना चाहिए। इस दौरान शामली से बतीसा खाप के बाबा सूरजमल, देवराज पहलवान, परविंद्र लंबरदार के अलावा विपिन सिंह बालियान आदि ने भी विचार रखे। साथ ही समझौते के लिए समिति बनाने पर विचार हुआ, जिसमें संरक्षक की भूमिका मुलायम सिंह यादव निभाएंगे। वहीं, समिति में ओमपाल सिंह नेहरा, विपिन सिंह बालियान, गुलाम मोहम्मद जौला, बाबा सूरजमल खाप चौधरी, बाबा श्याम सिंह खाप थांबेदार, बाबा मांगेराम खाप थांबेदार, मास्टर गय्यूर हसन पलड़ा, अख्तर हसन, राजकुमार हडोली, यशपाल प्रधान करवाड़ा, ओमबीर प्रधान काकड़ा, कृष्णपाल तोमर, राशिद अजीम, कुलदीप उज्ज्वल, इदरीश पहलवान आदि सदस्य होंगे। दोनों समुदाय के लोगों ने इंसानियत की इस मुहिम में हिस्सा लिया और समझौते लेकर वार्ता की।