जिले की प्रभारी मंत्री एवं बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री अनुपमा जायसवाल ने अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों से संवाद बढ़ाने की सलाह दी। उन्होंने चेतावनी दी कि अफसर अपनी मानसिकता बदल लें, जो अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभा रहे हैं, ऐसे अधिकारियों का अब तबादला नहीं होगा, बल्कि अटैची के साथ सीधे घर भेज दिया जाएगा।
शुक्रवार को अनुपमा जायसवाल ने शामली कलक्ट्रेट में योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर समीक्षा बैठक की। समीक्षा में लोक निर्माण विभाग का कार्य संतोषजनक न होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। साथ ही विद्युत ट्रांसफार्मर न बदले जाने, ग्रामीण क्षेत्र में राशन वितरण को लेकर समस्याएं ज्यादा होने पर भी नाराजगी जताई। स्कूलों में बच्चों को यूनिफार्म, किताबें और बैग वितरण में पारदर्शिता बरतने का निर्देश दिया। जिन स्कूलों में खराब यूनिफार्म की शिकायतें आ रही हैं, उन्हें बदलवाने का निर्देश दिया। कहा कि प्रदेश सरकार का गठन हुए सवा चार महीने हो गए हैं। वह नहीं कहती कि अधिकारी खराब हैं, लेकिन अधिकारी अच्छा काम भी करके दिखाएं।
चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अधिकारियों को जिला मुख्यालय पर ही रुकना चाहिए और जनप्रतिनिधियों से बेहतर संवाद स्थापित करें। योजनाओं के क्रियान्वयन में गंभीरता बरतें। जो अधिकारी अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाते हैं तथा सोचते हैं कि तबादला होने पर अटैची उठाकर दूसरे जिले में पहुंच जाएंगे, वह समझ लें कि खराब कार्य करने वाले को दूसरे जिले में नहीं जाना होगा, बल्कि अटैची लेकर सीधे घर जाना पड़ेगा। भाजपा नेताओं ने भी ट्रांसफार्मर बदले जाने, अघोषित बिजली कटौती का मुद्दा उठाया। साथ ही डायट (जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण केंद्र) की स्थापना थानाभवन क्षेत्र के गांव कादरगढ की जगह जिला मुख्यालय पर ही कराने की मांग की। इस दौरान शामली से भाजपा विधायक तेजेंद्र निर्वाल, जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉक्टर अजयपाल शर्मा, सीडीओ रेनू तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष पवन तरार, संजीव जैन सिक्का, जिला पंचायत अध्यक्ष पति प्रसन्न चौधरी, हरवीर मलिक, राजन बत्रा, सतेंद्र धीरयान आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
विधायक ने कहा, डीसीओ से कैसे मिलें, तरीका बताएं
कलक्ट्रेट में समीक्षा के दौरान जब जिला गन्ना अधिकारी (डीसीओ) गन्ना भुगतान के बारे में बता रहे थे, तो शामली से विधायक तेजेंद्र निर्वाल ने कहा कि डीसीओ से मिलने के लिए अपाइेंटमेंट चाहिए, कैसे मिलेगा, क्योंकि आप फोन कॉल का जवाब तो देते नहीं। इस पर प्रभारी मंत्री अनुपमा जायसवाल ने कड़े लहजे में कहा कि सभी अधिकारी इस बात पर गौर करें और जनप्रतिनिधि से बेहतर संवाद स्थापित करें।
शिकायतों का 15 दिन में निस्तारण का निर्देश
राज्य मंत्री अनुपमा जायसवाल ने कुछ शिकायती पत्र भी जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को सौंपे, जो उन्हें भाजपा कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों ने दिए। उनमें कांधला थानाध्यक्ष के खिलाफ दो शिकायती पत्र आए, जिनमें भ्रष्टाचार और अन्य गंभीर आरोप लगाए गए। इसके अलावा राशन वितरण, विद्युत ट्रांसफार्मर बदले जाने और अन्य शिकायतें भी रहीं। उन्होंने इन शिकायतों का 15 दिन के भीतर निस्तारण करने का निर्देश दिया।