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बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री का घेराव, हंगामा

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शामली।
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समायोजन निरस्त होने पर आक्रोशित शिक्षामित्रों ने शामली में पहुंची बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री अनुपमा जायसवाल का घेराव कर हंगामा प्रदर्शन किया। कलक्ट्रेट में उनका काफिला रोक दिया और आंदोलनकारी शिक्षामित्रों के बीच बुलाकर ज्ञापन सौंपा। उनकी मांग थी कि प्रदेश के शिक्षामित्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए समान कार्य समान वेतन दिलाया जाए। सुप्रीम कोर्ट में पुन: याचिका दायर कराई जाए।
शुक्रवार को जिले की प्रभारी मंत्री एवं बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री अनुपमा जायसवाल शामली पहुंची। सुबह करीब सवा 11 बजे उन्हें बनत स्थित लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस पहुंचना था, जिसकी जानकारी होने पर बीएसए कार्यालय से तमाम शिक्षामित्र भी गेस्ट हाउस पर पहुंच गए। वहां सड़क पर बैठकर धरना प्रदर्शन किया और नारेबाजी की गई। करीब ढाई घंटे का इंतजार करने के बाद भी राज्यमंत्री वहां नहीं पहुंची, तो शिक्षामित्र कलक्ट्रेट में पहुंच गए। कलक्ट्रेट के मुख्य गेट पर ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसी दौरान कलक्ट्रेट सभाकक्ष से समीक्षा करने के बाद राज्यमंत्री अनुपमा जायसवाल का काफिला जब बाहर निकलने लगा, तो शिक्षा मित्रों ने नारेबाजी करके उनका काफिला रोक लिया।
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उनका कहना था कि बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री को शिक्षामित्रों के बीच आकर ही ज्ञापन लेना होगा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। इसके बाद राज्यमंत्री उनके बीच पहुंची और ज्ञापन लिया। ज्ञापन में कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में प्रदेश सरकार द्वारा नया अध्यादेश लाकर कानून बनाया जाए, ताकि प्रदेश के समस्त शिक्षामित्र सहायक अध्यापक पद पर बने रहे। इसके साथ ही नया अध्यादेश लाए जाने तक समायोजित शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक पद के बराबर समान कार्य समान वेतन दिया जाए। चैनपाल चौधरी, प्रमोद शर्मा, आदेश चौधरी, तनसीफ चौधरी, नाजिम राणा, सविता देवी, दर्शन देवी, सारिका परवीन, बिन्दिया रानी, सुषमा देवी, सपना, प्रीति, उपकार चौधरी, नाथीराम आदि मौजूद रहे।
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बेहोश हो गई शिक्षामित्र
बनत गेस्ट हाउस से कलक्ट्रेट तक करीब दो किलोमीटर पैदल चलने के बाद शिक्षामित्र कलक्ट्रेट में पहुंचे। बनत गेस्ट हाउस पर भी करीब ढाई घंटे तक शिक्षामित्र धूप में बैठे रहे। कोई छाता लगाए हुए था, तो कोई सिर पर रुमाल रखे हुए था। कलक्ट्रेट पहुंचने पर शिक्षामित्र वर्षा बेहोश हो गई, उसे साथी शिक्षामित्रों ने पानी पिलाया। करीब 20 मिनट बाद शिक्षामित्र को होश आया।
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