बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष सुनील जाटव की राह आसान नहीं है। उन्हें पार्टी में ही अपने कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। शामली और थानाभवन क्षेत्र कमेटी के पदाधिकारियों द्वारा अपने पद से इस्तीफा देने के कारण भी उनकी मुश्किल बढ़ सकती है। वहीं, पूर्व में थानाभवन क्षेत्र से भी एक नेता को पार्टी ज्वाइन कराने पर कार्यकर्ताओं ने विरोध किया था।
दो दिन पूर्व ही मुजफ्फरनगर में मीटिंग के बाद बसपा के पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी समसुद्दीन राइन सहित अन्य पदाधिकारियों ने शामली जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी में फेरबदल किया था, जिसके चलते अरविंद गौतम को जिलाध्यक्ष पद से हटाकर सुनील जाटव को जिलाध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया। मंगलवार को शामली विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष लोकेंद्र खेड़ी और थानाभवन विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष रामकुमार ने अपनी कमेटी सहित पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने नवनियुक्त जिलाध्यक्ष सुनील जाटव पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने जैसे गंभीर आरोप लगाए। वहीं, मालूम चला है कि जिलाध्यक्ष सुनील जाटव की नियुक्ति को लेकर भी पार्टी हाईकमान तक शिकायतें पहुंच गई हैं। गौरतलब है कि इससे पूर्व थानाभवन के पूर्व चेयरमैन इंतजार अजीज को पार्टी में शामिल कराने पर भी कुछ कार्यकर्ताओं ने विरोध किया था। इन घटनाक्रमों की वजह से पार्टी संगठन में चल ही गुटबाजी भी सामने आ गई, तो भविष्य में निकाय और लोकसभा चुनाव के लिहाज से बसपा के लिए परेशानी पैदा हो सकती हैं।