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गुदड़ी के लाल ने कर दिया कमाल

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शामली। परिवार की माली हालत खराब होने के बावजूद विशाल ने अपनी मेहनत के बल पर पहाड़ जैसी ऊंचाईयों को छूने में कामयाब हो गया। उसकी कामयाबी से परिवार के लोगों का सीना चौड़ा हो गया। उसके पिता के आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। पिता ने कहा कि मेरे खून-पसीने की कमाई को बेटे ने व्यर्थ नहीं जाने दिया। पूरा परिवार अपने को काफी गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
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इंटरमीडिएट में शामली जिला टॉपर बने विशाल रूहेला की लगन काबिले तारीफ है। फुगाना (मुजफ्फरनगर) क्षेत्र के गांव खेड़ा मस्तान निवासी विशाल ने कक्षा एक से ही शामली के सरस्वती शिशु मंदिर में पढ़ाई की। 2015 में उसने 10वीं की परीक्षा दी, तो उसमें जिले में दूसरे नंबर पर और स्कूल टॉपर बना। इसके बाद 11वीं में उसने मेहनत से पढ़ाई किया। इसका फल उसे 12वीं के परीक्षा परिणाम में 92.2 प्रतिशत अंक के रूप में मिला। वह जिला टॉपर बन गया। विशाल के परिवार की माली हालत ठीक नहीं है। उसके पिता अवधेश फुगाना थाने के पास 400 रुपये प्रतिमाह की दुकान किराए पर ले रखी है। वह पेश से दर्जी हैं। वह खुद कक्षा आठवीं पास है। उनकी पत्नी निरक्षर हैं। इसके बावजूद बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने के लिए जीतोड़ मेहनत करते हैं। बच्चे उसे फलीभूत भी कर रहे हैं।
परिवार में विशाल का छोटा भाई विपुल भी शामली के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में 10वीं की पढ़ाई कर रहा है। उसकी छोटी बहन सिमरन फुगाना क्षेत्र के गांव करौंदा महाजन स्थित पंडित बाल मुकुंद मेमोरियल जूनियर हाईस्कूल में कक्षा चार की छात्रा है। विशाल के पिता अवधेश ने फोन पर बातचीत में बताया कि वह दर्जी हैं। कपड़ों की सिलाई कर किसी तरह परिवार की परवरिश कर रहे हैं। आजीविका का दूसरा कोई साधन नहीं है। कपड़ों की सिलाई में इतनी कमाई भी नहीं होती कि बच्चों की फीस भी जमा की जा सके। कई बार लोगों से उधार लेकर फीस बच्चों की जमा करनी पड़ती है। अवधेश का कहना है कि तंगहाली बेशक है, लेकिन बच्चों को अच्छे मुकाम हासिल कराने के लिए ही उनकी पढ़ाई पर पूरा ध्यान देता हूं।
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