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बैनामें की प्र क्रया रुकी, अफसर कागजों में उलझे

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अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। दिल्ली-यमुनोत्री फोरलेन का दूसरे चरण का कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। जिस कारण शामली बाईपास के किसानों के बैनामे की प्रक्रिया भी आगे नहीं बढ़ पाई है। अफसर और इंजीनियरों की टीम बाईपास की जद में आ रहे किसानों, भवन स्वामियों के कागजों में उलझकर रह गई है।
दिल्ली-यमुनोत्री, सहारनपुर फोरलेन स्वीकृत हुए नौ साल हो चुके हैं। पहले इसका निर्माण कार्य यूपी सरकार का उत्तर प्रदेश राज्य राजमार्ग प्राधिकरण की देखरेख चल रहा था। निर्माण एजेंसी घोषित होने और धनराशि जारी होने के बाद पांच साल तक पेड़ कटने की अनुमति न मिलने से कार्य अधर में लटका रहा। केंद्र में भाजपा सरकार आने के बाद केंद्रीय पर्यावरण वन मंत्रालय से हाईवे के पेड़ कटने की अनुमति मिली, तो निर्माण एजेंसी कार्य करने से हाथ खड़े कर दिए। दो साल पूर्व दिल्ली यमुनोत्री फोरलेन को उत्तर प्रदेश सरकार ने भारत सरकार के राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को हस्तांतरित कर दिया। फोरलेन निर्माण कराने के लिए बागपत में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का कार्यालय खोला गया। प्रथम चरण बागपत जिले से शामली सीमा और दूूसरे चरण में शामली बाईपास से सहारनपुर जिले तक निर्माण का टेंडर छोड़ा गया। दो साल में भारत सरकार का राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण शामली बाईपास की जद में आ रहे अवशेष किसानों बैनामों की स्वीकृति मिलने के बाद बैनामों की प्रक्रिया को शुरू नहीं कर पाए है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के इंजीनियरों की टीम बनत और शामली तहसील के पास भूूमि पैमाइश में उलझ कर रह गई है।
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क्या है शामली बाईपास की प्रगति
शामली। दिल्ली-यमुनोत्री, सहारनपुर फोरलेन के शामली बाईपास की जद में शामली, बलवा, सिभांलका, बनत, सेहटा गांव के 36.6344 हेक्टेयर भूमि खरीदी जाएगी। उत्तर प्रदेश राज्य राजमार्ग प्राधिकरण 31.5606 हेक्टेयर भूमि खरीद कर बैनामों की प्रक्रिया पूरी करा चुका है। अभी तक 5.0738 हेक्टेयर भूमि का बैनामा कराना अवशेष है। पिछले नौ माह से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के इंजीनियरों की नए सिरे से भूमि की पैमाईश कार्य में उलझी हुई है। मेरठ-करनाल को जोड़ने वाले शामली बाईपास का टेंडर छोड़ने की प्रक्रिया में जुटा है। मगर अभी तक टेंडर भी नहीं खुल पाया है। पानीपत-नगीना, कोटद्वार फोरलेन की सिर्फ राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की टीम भूमि का चिह्नित कर पाई है।

टेंडर छूटा, कार्य शुरू नहीं
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के इंजीनियर अवनीश पराशर का कहना है कि दिल्ली-यमुनोत्री, सहारनपुर मार्ग के दूसरे चरण का शामली से लेकर सहारनपुर तक 748 करोड़ का टेंडर छोड़ा गया है। दूसरे चरण के हाईवे निर्माण के लिए हरियाणा की ग्रोवर कंपनी को निर्माण कार्य का ठेका दिया गया है। उनका कहना है कि मई के बाद निर्माण कार्य शुरू हो पाएगा।
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लोकसभा चुनाव में जुट जाएंगे अफसर
एडीएम आनंद शुक्ला का कहना है कि लोकसभा चुनाव 2019 आचार संहिता लगने के कारण अफसर चुनाव व्यवस्था में जुुट जाएंगे। फोरलेन का नया निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। आचार संहिता खत्म आने के बाद दिल्ली-यमुनोत्री, सहारनपुर, मेरठ-करनाल, और पानीपत-नगीना, कोटद्वार फोरलेन का कार्य आगे बढ़ पाएगा।
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