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मन से मजबूत बनो, कोई गलत नहीं कर सकता

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अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता अभियान के तहत शुक्रवार को शहर के सिल्वर बेल्स स्कूल में पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। जिसमें छात्राओं ने छेड़खानी समेत कई गंभीर मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बात रखी। एसपी ने भी उन्हें एक शिक्षक की तरह सेल्फ डिफेंस के टिप्स दिए। कहा कि यदि बेटियां अपने दिमाग से डर का भूत निकाल दें और मन ने मजबूत हों तो उनके साथ किसी की गलत करने की हिम्मत नहीं होगी।
पाठशाला में स्कूल की कक्षा नौ से 12 तक की करीब 300 छात्राओं ने भाग लिया। छात्राएं अमर उजाला की अपराजिता मुहिम के शपथ पत्र भरकर इस अभियान से जुड़ी। एसपी अजय कुमार ने कहा कि अमर उजाला का ये प्रयास बेटियों को मजबूत बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। शिविर में जिला योग ट्रेनर कुमुद शर्मा, स्कूल चेयरमैन अजय संगल, प्रधानाचार्य अरुण गोयल,
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छात्राओं द्वारा पूछे गए सवाल और एसपी द्वारा दिए गए जवाब
सवाल : हमेशा ही समाज में बेटियों को ही टोका जाता है। यहां मत जाओ, ये मत करो आदि, मगर कभी लड़कों को कुछ नहीं कहा जाता। वह गलती करें तो उन्हें थप्पड़ मारो ये कोई नहीं कहता। : नेहा शर्मा
जवाब : बेटा और बेटी दोनों समाज के जरूरी अंग हैं। आज के दौर की प्राथमिकता है कि बेटियों को बचाओ, उन्हें अच्छी शिक्षा देकर कामयाब बनाओ। जब बेटी सशक्त होगी तो वही एक मां के रूप में अपने बेटों को भी एक अच्छा इंसान बनाएगी।
सवाल : यदि छेड़छाड़ करने पर लड़की किसी को थप्पड़ मारे दे, तो बाद में एसिड अटैक जैसी घटनाएं सामने आती हैं। नुकसान लड़की का ही होता है। : राशि गोयल
जवाब : अपने मन में डर नहीं रखना चाहिए, क्योंकि मौत तो किसी भी पल आ सकती है। इसलिए मौत से बिना डरे हमें अन्याय के खिलाफ डटकर खड़ा होना चाहिए। पुलिस प्रशासन भी हर प्रकार की मदद के लिए तैयार है।
सवाल : प्रत्येक लड़की सेल्फ डिफेंस में निपुण नहीं है। यदि ऐसी लड़की के सामने कोई संकट आ जाए तो इससे बचाव का वैकल्पिक रास्ता क्या हो सकता है। : नैंसी गोयल
जवाब : हम जिले में सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग की कोशिश कर रहे हैं। यदि आप सेल्फ डिफेंस में माहिर नहीं हो तो बेहतर है कि वहां से निकल जाएं और पुलिस की मदद लें। मिर्च स्प्रे आदि का इस्तेमाल करें। फिर भी काम न चलें तो अपने दांत, नाखून और चिल्लाने से भी पीछे न हटें।
सवाल : उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने से क्या होगा, हरियाणा टॉपर के केस में आज तक पीड़ित पक्ष को न्याय नहीं मिला है। हर बार लड़की ही कुर्बानी क्यों दे। : पंखुरी
जवाब : हमें कानून पर भरोसा कायम रखना चाहिए। कई बार न्याय मिलने में कुछ समय जरूर लग जाता है। लेकिन, सच्चाई की हमेशा जीत होती है। अन्याय के खिलाफ हमें अपना संघर्ष भी जारी रखना चाहिए।
सवाल : जिस तरह लड़कियों के साथ घटनाएं हो रही हैं। कानून व्यवस्था पर भरोसा नहीं होता। : सलोनी
जवाब : कानून पर भरोसा करो। चाहो तो वकील बनकर सिस्टम का हिस्सा बनो और ऐसी कुप्रथाओं पर विराम लगाकर महिलाओं को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाओ।
सवाल : अधिकतर परिजन बेटियों को दिन छिपने के बाद अकेले ट्यूशन भेजने से डरते हैं। कहते हैं भाई के साथ जाओ। भाई नहीं है तो ट्यूशन की छुट्टी करा देते हैं क्यों। : अनुष्का जैन
जवाब : हर जगह पुलिस नहीं हो सकती। इसलिए छात्राओं को भी रक्षक की भूमिका निभानी होगी। ग्रुप बनाकर ट्यूशन जाओ। ऐसे कोचिंग सेंटर जहां छेड़खानी की घटनाएं होती हैं उसके बारे में पुलिस को बताओ। वहां पुलिसिंग की व्यवस्था कराई जाएगी।
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सवाल : अक्सर लड़के लड़कियों का पीछा कर छेड़छाड़ करते हैं। कई बार तो फोन नंबर मांगते हैं। इनसे कैसे निपटा जाए। : आयुषी पंवार
जवाब : यदि ऐसे लड़कों को आप जानती हैं तो उनके नाम से एफआईआर कराओ। वरना डायल 100 व एंटी रोमियो स्क्वॉड की मदद लें। जो नंबर मांगे तो मेरा नंबर दे दो।
सवाल : यदि हम छेड़खानी जैसी शिकायतें अपने परिजनों से करते हैं तो वो यह कह देते हैं कि हम खुद देख लेंगे, ऐसा क्यों। : अक्षिका
जवाब : समाज की वजह से वे ऐसा करते होंगे। अपना महत्व समझो और खुद को मजबूत बनाओ। तुम मजबूत होगी तो किसी की छेड़खानी की हिम्मत नहीं होगी। पुलिस को भी शिकायत करें, पुलिस तुरंत मदद मुहैया कराएगी।
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