अब हाईस्कूल और इंटर में सीधे प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं पर विभाग की नजर है। बोर्ड ने इनकी अधिकतम सीमा दस निर्धारित करने के साथ ही इसकी अनुमति डीआईओएस से लेने के निर्देश दिए हैं।
कक्षा नौ और 11 वीं के बाद स्कूल बदलकर सीधे बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले आवेदकों पर विभाग की सीधी नजर है। बोर्ड ने ऐसे छात्र-छात्राओं के टीसी, पंजीयन आदि प्रमाणपत्रों की गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए हैं। वहीं एक कॉलेज में ऐसे अधिकतम दस आवेदकों को ही दाखिले के निर्देश दिए हैं। इसकी लिखित अनुमति भी जिला विद्यालय निरीक्षक से लेनी होगी। जिससे हर स्तर पर फर्जी आवेदकों पर लगाम लग सकें। जिला विद्यालय निरीक्षक अनुराधा शर्मा ने बताया कि पिछले वर्ष माध्यमिक शिक्षा परिषद की स्क्रीनिंग में करीब 83 हजार आवेदन फर्जी पाए गए थे। जिन्हें परीक्षा से रोका गया था। पिछले वर्ष जनपद में हाईस्कूल व इंटर में करीब 26752 के लगभग छात्र-छात्राओं ने बोर्ड परीक्षा केे लिए आवेदन किया था। इस वर्ष जनपद में कॉलेजों की संख्या 94 से बढ़कर 104 हो गई है। उधर, डीआईओएस अनुराधा शर्मा ने बताया कि बोर्ड कक्षाओं में सीधे प्रवेश एवं आवेदनों को लेकर प्रधानाचार्यों को माध्यमिक शिक्षा परिषद के आदेश से अवगत करा दिया है। इससे फर्जी आवेदनों पर रोक लगेगी।