शामली। जिले से होकर गुजरने वाले 207 किमी लंबाई वाले पानीपत-नगीना-कोटद्वार मार्ग को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को जल्द हस्तांतरित होगा। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई हैं।
पानीपत से लेकर कोटद्वार तक जाना वाला पानीपत-नगीना मार्ग शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर जिलों से होकर जाता है। भारत सरकार ने मार्च 2018 में इस मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करते हुए 709 एडी नंबर आवंटित किया था। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इस मार्ग की लगभग एक साल से प्राइवेट कंपनी के माध्यम से डीपीआर तैयार करा रहा है। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वीके सिंह ने शामली, मुजफ्फरनगर और बिजनौर जिलों के लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंताओं को 13 जुलाई को शासनादेश जारी करके पानीपत-नगीना-कोटद्वार मार्ग को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए है। शासनादेश में अभी फिलहाल यह तय नही हो पाया है कि इस मार्ग को भारत सरकार की सहारनपुर इकाई को हस्तांतरित किया जाए अथवा बागपत इकाई को? इस संबंध में निर्णय बाद में लिया जाएगा। गौरतलब तथ्य यह है कि 207 किमी लंबाई वाला यह मार्ग अभी तक उत्तर प्रदेश शासन के आधीन है। इस मार्ग की निर्माण और मरम्मत की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग की रही है। इस मार्ग के हस्तांतरित होने के बाद चार लेन के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता रविंद्र सिंह ने बताया कि हस्तांतरित करने का लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वीके सिंह का 13 जुलाई का आदेश प्राप्त चुका है। मार्ग के हस्तांतरित होने के बाद राष्ट्रीय राज मार्ग प्राधिकरण इस मार्ग को डीपीआर के आधार पर चार लेन का निर्माण कराएगी। उन्होंने बताया कि शामली जिले की मेरठ- करनाल और दिल्ली-यमुनौत्री, शामली-सहारनपुुर मार्ग पहले ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को हस्तांतरित हो चुकी हैं।