शाहजहांपुर/तिलहर। अवैध शराब बेचने का विरोध करने पर बृहस्पतिवार रात करीब आठ बजे तिलहर के सहवेगपुर गांव में सुरेंद्र वर्मा (35) की लाठी-डंडे से पीटकर और धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी गई। प्रधान के पति समेत आठ-दस लोगों पर हत्या का आरोप लगाया गया है। परिजनों का कहना है कि कुछ दिन पहले सुरेंद्र ने नगरिया पुलिस चौकी पर शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। वहीं ये लोग रंजिश मानने लगे थे।
सुरेंद्र मजदूरी करने के साथ खेत और प्लॉट की खरीद-बिक्री भी कराते थे। राजकीय मेडिकल कॉलेज में उनके भाई सोनपाल ने बताया कि प्रधान अवंती का पति अपने रिश्तेदार की मदद से गांव में शराब बनवाने और बिकवाने का काम करता है। साथ ही लाइसेंसी दुकान से शराब लाकर अवैध तरीके से बेचता था। अवंती के पति का नाम भी सुरेंद्र है। वह और रिश्तेदार शराब पीकर आए दिन सुरेंद्र वर्मा के घर के सामने से निकलते थे और शराब के पाउच दरवाजे पर फेंक देते थे। सुरेंद्र इसका विरोध करते थे। इसी को लेकर उनकी आरोपियों से रंजिश चल रही थी। सुरेंद्र ने इसकी शिकायत नगरिया चौकी में की थी।
बुधवार रात करीब आठ बजे प्रधान के पति ने सुरेंद्र को फोन कर बात करने के लिए अपने घर बुलाया। खाना खाते हुए छोड़कर वह निकल पड़े। आरोप है कि घर से थोड़ी दूर पहले ही आठ-दस लोगों ने उन्हें घेर लिया। पहले घर के बाहर की लाइट बंद की गईं और फिर लाठी-डंडों व धारदार हथियार से हमला कर दिया। बचने के लिए सुरेंद्र भागे लेकिन आरोपियों ने 10-15 मीटर तक दौड़ाकर पकड़ लिया। इसके बाद उन्हें गिराकर पीट-पीटकर मरणासन्न कर दिया। शोर सुनकर जब परिजन मौके पर पहुंचे तो आरोपी भाग गए। परिवार के लोग उन्हें सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां से राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। यहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
एसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि सुरेंद्र वर्मा गांव में शराब की अवैध बिक्री का विरोध करते थे। आरोपी पक्ष शराब की बिक्री का सरपरस्त था। इसी रंजिश में वारदात को अंजाम दिया गया है। आरोपियों की तलाश में टीमें गठित कर दी गईं हैं। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। संवाद
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मेडिकल कॉलेज में परिजनों ने किया हंगामा
सुरेंद्र की मौत की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। राजकीय मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर में हंगामा करते हुए उन्होंने चौकी इंचार्ज को हटाने की मांग की। परिजनों का कहना है कि अवैध शराब की बिक्री की शिकायत पर नगरिया चौकी पुलिस ने समय रहते कार्रवाई होती तो घटना को रोका जा सकता था। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह उन्हें समझा-बुझाकर शांत किया।
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पुलिस की तीन टीमें तलाश में जुटीं
पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाए हैं। लोकेशन पता करके तीन टीमों को आरोपियों की तलाश में भेजा गया है। एसओजी को भी आरोपियों की तलाश में लगाया गया है। एसपी ग्रामीण दीक्षा भंवरे अरुण और सीओ विदुष सक्सेना ने राजकीय मेडिकल कॉलेज में पहुंचकर जानकारी ली। पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।
सुरेंद्र वर्मा ने प्रधानी की चुनाव में की थी मदद
- ग्राम प्रधान अवंती के चुनाव के वक्त सुरेंद्र वर्मा ने उसे जिताने में काफी मदद की थी। कुछ समय से सुरेंद्र वर्मा और प्रधान के पति के बीच अवैध बिक्री को लेकर अनबन चल रही थी। अवंती और उसके पति को शक था कि सुरेंद्र प्रधानी के चुनाव में विपक्षियों की मदद कर सकता है। इस वजह से वह सुरेंद्र को सबक सिखाना चाहता था।
सुरेंद्र का फाइल फोटो। स्रोत : परिजन
सुरेंद्र का फाइल फोटो। स्रोत : परिजन
सुरेंद्र का फाइल फोटो। स्रोत : परिजन
सुरेंद्र का फाइल फोटो। स्रोत : परिजन