तिलहर (शाहजहांपुर)। लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर कछियानी खेड़ा स्थित राजकीय डिग्री कॉलेज परिसर में लगे बीएसएनएल के करीब 120 मीटर ऊंचे टावर पर चढ़े मीरानपुर कटरा की रामनगर कॉलोनी निवासी आकाश यादव को करीब 19 घंटे बाद नीचे उतारा जा सका। बाद में पुलिस उसे थाने ले आई और वहां पूछताछ की।
आकाश बृहस्पतिवार रात करीब आठ बजे टावर पर चढ़ गया। रातभर मोबाइल से पुलिस उससे बात करती रही। इसी दौरान उसने अपना नाम-पता बताते हुए हरियाणा पुलिस पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। युवक की पहचान होने पर पुलिस ने उसके पिता गुड्डू और मां अनीता को भी मौके पर बुला लिया।
उसने वहां मौजूद एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार, एसडीएम जीत सिंह राय, तहसीलदार अजहर अंसारी, एसपी ग्रामीण दीक्षा भांवरे अरुण, सीओ इशिका सिंह आदि को यह भी बताया कि कटरा थाना पुलिस ने भी उस पर दर्ज मारपीट और छेड़खानी की रिपोर्ट में प्रताड़ित किया।
उसने यह भी बताया कि हरियाणा में नौकरी के दौरान उसके मोबाइल से 50 हजार रुपये की ठगी हो गई थी। फैक्टरी के ठेकेदार ने भी उसका शोषण किया। वहां भी उसे न्याय नहीं मिला। इस कारण उसका पुलिस व्यवस्था से भरोसा उठ गया। परिजनों ने अधिकारियों को बताया कि वह बृहस्पतिवार को दोपहर घर से हरियाणा जाने के लिए कहकर निकला, लेकिन टावर पर चढ़ गया।
उसने यह भी दावा किया कि वह अपने साथ खाने-पीने का सामान सहित जहरीला पदार्थ भी लाया है। यह सुनकर पुलिस ने कोई जल्दबाजी करने के बजाय अतिरिक्त सतर्कता बरती। बाद में युवक, सीबीआई, सेना या अन्य विश्वसनीय अधिकारियों से बात कराने की मांग पर अड़ गया और सेना में नौकरी दिलाने की मांग करने लगा।
इस पर सादे कपड़ों में गईं सीओ इशिका सिंह ने उसे खुद को सीबीआई अधिकारी बताया और एडीएम ने सेना में नौकरी दिलाने का वायदा कर उसे नीचे आने के लिए राजी कर लिया। शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे वह नीचे उतरा। सीओ इशिका सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में युवक का मानसिक संतुलन ठीक नहीं लग रहा है। उसका मेडिकल कराया जाएगा और आवश्यकता हुई तो उसे बरेली स्थित मानसिक रोग चिकित्सालय रेफर किया जाएगा।
जलालाबाद में भी ओवरहेड टैंक पर चढ़ गया बर्खास्त संविदा सफाईकर्मी, बमुश्किल नीचे उतरा
जलालाबाद। नगरपालिका में संविदा सफाई कर्मचारी की नौकरी से बर्खास्त कर दिए जाने से नाराज मोहल्ला कानूनगोयान निवासी मुकेश शुक्रवार को सुबह करीब आठ बजे तहसील मार्ग पर स्थित करीब 60 फुट ऊंचे ओवरहेड टैंक पर चढ़ गए।
दोपहर को सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार अनुराग दुबे और प्रभारी निरीक्षक अरविंद चौहान ने मौके पर जाकर टैंक पर चढ़े मुकेश को नीचे उतारने के प्रयास शुरू किए। काफी देर तक समझाने के बाद भी मुकेश के नहीं उतरने पर पालिका के तीन सफाईकर्मी और एक सिपाही को सादे कपड़ों में टैंक पर भेजा।
ये लोग किसी तरह समझा-बुझाकर मुकेश को नीचे उतार लाए। टैंक से उतरने पर मुकेश ने बताया कि वह नगर पालिका में संविदा पर सफाईकर्मी के रूप में काम कर रहा था। करीब एक साल पहले उसे हटा दिया गया। कई बार कहने के बाद भी उसे काम पर नहीं लिया गया। इसीलिए वह टैंक पर चढ़ गया था।
सीओ ज्योति यादव ने बताया कि टैंक चढ़े युवक को सकुशल नीचे उतार लिया गया है। पूछताछ के बाद उसका शांतिभंग में चालान कर दिया गया है। संवाद
बहुत कम मामलों में कार्रवाई करती है पुलिस
शाहजहांपुर। हाल ही के दिनों में टावर या ओवरहेड टैंक पर चढ़कर हंगामा करने की घटनाओं में इजाफा हुआ है। कानूनी तौर पर अपराध होने के बावजूद पुलिस बहुत कम मामलों में कार्रवाई करती है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता आशीष त्रिपाठी ने बताया कि विधिक तौर पर ऐसे मामलों में आत्महत्या की कोशिश में या शांतिभंग की आशंका के तहत कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि पुलिस इसे सामान्य तौर पर लेती है। दरअसल, ऐसा करने वाला व्यक्ति केवल अपनी मांगों की ओर ध्यान आकर्षित करना चाहता है।
एसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि इस तरह की हरकत करने वाले व्यक्ति की मानसिक स्थिति को समझना महत्वपूर्ण है। इस वजह से पहले उसकी काउंसलिंग कराई जाती है। अगर कोई शांति व्यवस्था को बिगाड़ने या कानून व्यवस्था के खिलाफ कार्य करता है तो उस पर कार्रवाई भी की जाती है। संवाद
हाल में हुईं घटनाएं
-पांच जुलाई को ऋण दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए चार युवक कांशीराम कॉलोनी में ओवरहेड टैंक पर चढ़ गए थे।
-21 जून को भरत तिवारी के एनकाउंटर से खफा होकर नीरज नाम का युवक भी इसी टैंक पर सिलिंडर लेकर चढ़ा था।
-18 मई को शादीशुदा प्रेमिका से शादी की मांग को लेकर बरतारा में युवक टावर पर चढ़ गया था।
-30 मार्च को तिलहर में मनचाही शादी नहीं होने से युवक टावर पर चढ़ गया था।
तिलहर में टावर पर चढ़े आकाश को नीचे उतारती पुलिस। संवाद- फोटो : 1