सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के उपक्रमों, औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों के शोषण के विरोध में भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों ने केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर शुक्रवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने डीएम नरेंद्र सिंह को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन देकर नीति आयोग की मजदूर विरोधी नीतियों की भर्त्सना करके श्रमिक शोषण रोकने को ठोस प्रयास किए जाने की मांग की।
इस मौके पर संघ के जिलाध्यक्ष अश्विनी आर्य ने कहा कि सरकार की कुछ नीतियां देश के मजदूरों और कारखानों में कार्यरत श्रमिकों के हितों की रक्षा करने के बजाय उनके शोषण को बढ़ावा दे रही हैं। इसी मुद्दे को लेकर गत माह हुए संघ के अखिल भारतीय अधिवेशन में नीति आयोग की श्रमिक विरोधी नीतियों का विरोध करने का निर्णय किया गया। जिला मंत्री श्याम कुमार सिंह ने कहा कि सरकार की अस्पष्ट ओर भ्रामक मजदूर नीति के कारण श्रमिक वर्ग खुद को ठगा ससा महसूस कर रहा है।
डीएम को दिए गए ज्ञापन में प्रधानमंत्री से मजदूरों, श्रमिकों, किसानों आदि का भला करने के लिए नीति आयोग के प्रभाव से हटकर निष्पक्षता के साथ मजदूरों को शोषण मुक्त कराने का अनुरोध किया गया है। प्रदर्शन में संघ के विभिन्न घटक संगठनों से जुड़े डुनमुन विश्वकर्मा, वेदपाल सिंह राठौर, योगिता मिश्रा, सुरेश चंद्र राठौर, अरुण दीक्षित, अमर सक्सेना, कमल सक्सेना आदि शामिल रहे।