शाहजहांपुर। शहर के महिला संगठनों ने आधी आबादी को आत्मनिर्भर और शिक्षित बनाने की दिशा में काम शुरू किया है। महिलाओं व बेटियों को हुनरमंद बनाने के साथ ही उन्हें रोजगार से जोड़कर सशक्त किया जा रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की शादी कराने व शिक्षित करने को फीस देने का कार्य भी संगठन कर रहे हैं।
यूनिटी संस्था महिला हितों के लिए काम करती है। संस्था में करीब 50 महिलाएं जुड़ी हैं। संस्था की संस्थापक डॉ.संगीता मोहन ने बताया कि संस्था महिला सशक्तीकरण की दिशा में कदम उठाते हुए लगभग 25 युवतियों को ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण कराया है। ये युवतियां संपन्न लोगों के घरों में जाकर मेकअप आदि कर आत्मनिर्भर बन गई हैं।
इसी तरह 20 महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण दिलाकर मशीन भी उपलब्ध कराई। इसके बाद बुटिक से काम भी दिलाया। पदाधिकारियों के अनुसार, प्रत्येक वर्ष आर्थिक रूप से कमजोर तीन युवतियों में विवाह का इंतजाम करती हैं। शादी में उपहार के लिए घरेलू सामान से लेकर नकदी भी उपलब्ध कराते हैं। अभी तक करीब 50 युवतियों का विवाह करा चुकीं हैं।
बालिका शिक्षा पर काम कर रहीं समर्पण संस्था
-शहर की समर्पण संस्था बालिका शिक्षा के लिए काम कर रही है। प्रत्येक वर्ष जीजीआईसी चौक में 11वीं की 20 छात्राओं की फीस संस्था उपलब्ध कराती है। स्नातक की पढ़ाई के लिए भी संस्था मदद करती है। इंटरमीडिएट उत्तीर्ण करने वाली चिह्नित छात्राओं को पढ़ाने में भी संगठन सहयोग कर रहा है। 40 युवतियों को सिलाई मशीन देकर सशक्त किया है।
-
-जय गणेश सेवा समिति बालिकाओं व युवतियों को सिलाई-कटाई का प्रशिक्षण दे रही हैं। गुरुनानक स्कूल व विभिन्न गांवों में जाकर युवतियाें को चिह्नित करने के बाद उन्हें प्रशिक्षित किया। समिति की अध्यक्ष पूनम मेहरोत्रा ने बताया कि उनका प्रयास है कि आधी आबादी को रोजगार के लायक बनाकर सशक्त बना सकें।
-समर्पण संस्था लंबे समय से बालिकाओं की शिक्षा के साथ उन्हें सशक्त बनाने का कार्य कर रही है। बालिकाओं की फीस देने के साथ ही उन्हें उच्च शिक्षा दिलाने का उद्देश्य रहता है।
मीतू अग्रवाल, अध्यक्ष समर्पण संस्था
-यूनिटी संस्था ने युवतियों को ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण दिलाकर रोजगार से जोड़ा है। इसके साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर युवतियों का विवाह में उपहार भी दिए हैं।
एकता अग्रवाल, अध्यक्ष-यूनिटी संस्था
पूनम मेहरोत्रा। स्रोत: स्वयं
पूनम मेहरोत्रा। स्रोत: स्वयं