अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विनोबा सेवा आश्रम में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न गांवों से आईं महिलाओं ने देश में व्याप्त कुप्रथाओं और प्रगति में बाधक कई बिंदुओं पर विचार व्यक्त किए। साथ ही उन्हें जड़ से मिटाने का संकल्प लिया। इस दौरान आश्रम की सचिव विमला बहन ने कहा देश की नारी शक्ति ही सर्वोत्तम शक्ति है।
जलालपुर गुर्रा की मुन्नी देवी ने दहेज प्रथा को समाज के लिए अभिशाप बताया। सीमा सिंह ने शराब को समाज के लिए राक्षस बताया। लखीमपुर खीरी के गांव बरखेटिया की बिट्टू ने जीवन संघर्ष को मंच के माध्यम से साझा किया। ऐंठापुर गांव की रहने वाली लीलावती ने कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के बावजूद उन्होंने खुद तो पढ़ाई की ही। साथ ही पति को भी पढ़ाया। इससे दोनों लोगों को सरकारी नौकरी मिल गई।
जहानपुर गांव की रीना देवी ने पर्दा प्रथा को महिलाओं की तरक्की में बाधक बताया। इसके साथ ही रीना देवी, नीरज ने भी विचार व्यक्त किए। इस मौके पर अमितेश अमित, अशोक सिंह, विश्सन कुमार, सुधीर, मनीष, सूर्यप्रकाश आदि मौजूद रहे।