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फिर खेत में धरने पर बैठी महिलाएं

Sun, 13 Dec 2015 12:21 AM IST
मदनापुर/शाहजहांपुर।
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महियावर गांव में शुक्रवार को पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन पर खेत में धरना खत्म कर घर को लौटे आधा दर्जन परिवारों के सदस्य शनिवार दोपहर फिर से खेतों में जाकर धरने पर बैठ गए। इनकी मांग है कि दारोगा की पिटाई के आरोप में दर्ज मुकदमे में से 25 अज्ञात का उल्लेख हटाया जाए और थानेदार पर खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई कराई जाए।
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महियावर गांव में सरकारी स्कूल के पास गन्ने के खेत में शनिवार दोपहर हाईकोर्ट से जमानत पर छूटे हिस्ट्रीशीटर सत्यपाल सिंह और दारोगा की पिटाई के आरोप में गिरफ्तार आरोपियों के परिवारजन धरने पर बैठ गए। इनमें 21 महिलाएं और 26 बच्चों के अलावा करीब एक दर्जन पुरुष शामिल थे। मौके पर धरने की कमान  गिरफ्तार प्रधान पद के प्रत्याशी राहुल सिंह के रिश्तेदार सतेंद्र (रोजा के पास सिउरा गांव के निवासी) कमान संभाले हुए थे। पूछने पर इन्होंने कहा कि हिस्ट्रीशीटर दोनों भाई अब उम्रदराज हो गए हैं और हाईकोर्ट जमानत पर छूटे हैं तो पुलिस इन्हें फंसा रही है। तीसरे पहर पड़ोस गांव से एक संबंधी बाइक पर भोजन लेकर मौके पर पहुंचे। मौके पर मौजूद हिस्ट्रीशीटर सत्यपाल ने भी कुछ भी कहने से इंकार किया और मफलर बांधकर चुप बने रहे।
गांव में इन्हीं दो भाइयों के आवास के अलावा तीन अन्य घरों में दोपहर के समय सन्नाटा पसरा था। गांव के बाकी हिस्से में हालात सामान्य था और सभी अपने काम में मशगूल मिले।
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धरने पर बैठे लोगों का पक्ष
1. प्रधानी के चुनाव में आठ प्रत्याशी खड़े थे और उन सभी के पोलिंग एजेंट बूथ पर थे तो क्यों दारोगा की पिटाई के मामले में सिर्फ हमारे लोगों पर कार्रवाई हुई। शुक्रवार को अधिकारी आश्वासन दे गए थे, लेकिन शनिवार को हमारे पति से न तो बात कराई गई और ना ही गिरफ्तार परिवारवाले छूटे। हमारी मांग है कि थानेदार के खिलाफ हमारी ओर से मुकदमा कायम कराकर कार्रवाई की जाए और दर्ज मुकदमे में से 25 अज्ञात वाला ब्योरा हटाए जाए क्योंकि उसी में किसी को भी फंसाया जा सकता है। -- रामरती, गिरफ्तार हिस्ट्रीशीटर करन सिंह की पत्नी।

2. टेलरिंग का काम करने वाले मेरे पति राजेंद्र को झूठे फंसाकर पुलिस ने बेरहमी से पिटाई की। एक दिसंबर की रात घर में नातिन के नामकरण पर भोज का आयोजन था और रिश्तेदार भी जुटे थे। लेकिन पुलिस ने चुनावी भंडारा होने का आरोप लगाते हुए घर में घुसकर उन्हें पीटते हुए ले गई। इस बारे में डीएम तक भी फरियाद की है लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। -- सुधा देवी।

पुलिस का पक्ष
1. दारोगा की पिटाई के मामले में पोलिंग पार्टी की निशानदेही पर आरोपियों को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया था। गत दो दिसंबर के बाद से गांव में कोई पुलिस दबिश की कार्रवाई नहीं हुई है। गिरफ्तार आरोपियों के परिवारजनों ने निष्पक्ष मतदान कराने की गुहार शनिवार को की तो उन्हें पूरी तरह इस बारे में आश्वस्त कर दिया गया है। -- अमित कुमार सिंह, एसओ मदनापुर।

राहुल समेत चार आरोपी जमानत पर छूटे
शाहजहांपुर। मदनापुर थाना क्षेत्र के गांव महियावर में गत एक दिसंबर को दारोगा की पिटाई के मामले में गिरफ्तार छह में चार आरोपियों की शनिवार को जमानत हो गई। इनमें ग्राम प्रधान पद का प्रत्याशी राहुल सिंह और हिस्ट्रीशीटर करन सिंह का बेटा राणा प्रताप सिंह भी शामिल हैं। जिला जेल के जेलर भूपेश कुमार ने जमानत पर इनके छोड़े जाने की पुष्टि की।

पुलिस ने खोला हिस्ट्रीशीटर भाइयों का क्राइम रिकार्ड

महियावर गांव में इनके भय से 14 लोग सपरिवार पलायन कर गए
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। मदनापुर थाना क्षेत्र के जिस महियावर गांव में रहने वाले दोनों हिस्ट्रीशीटर भाई करन सिंह और सत्यपाल सिंह का क्राइम रिकार्ड पुलिस ने शनिवार को मीडिया के समक्ष खोला। इसके अनुसार, दोनों भूमाफिया हैं और बेहद शातिर अपराधी हैं। इनके आतंक से पूर्व में ही गांव से 14 लोग (ओमकार भूर्जी, जगदीश धीमर, जागन जाटव, गुड्डू जाटव, हब्बू धुना, रामचंदर कांछी, शेरपाल, गजराज सिंह, खुशीराम पंडित, किशनपाल धीमर, शिवसरन सिंह, वीरेंद्र सिंह, रामसागर और झंगेलाल लोहार) सपरिवार पलायन कर चुके हैं जिनमें से ओमकार भूर्जी और हब्बू धुना की जमीन इन्होंने कब्जा ली है।
हिस्ट्रीशीटर सत्यपाल सिंह पर मदनापुर और तिलहर थाने में हत्या, जानलेवा हमला, गुंडा एक्ट आदि के कुल 24 केस दर्ज हैं। इनमें से आठ अकेले तिलहर के हैं जिनमें से हत्या के दो मामलों में इसे वर्ष 1983 और 1988 में अलग-अलग आजीवन कारावास की सजा हुई और हाईकोर्ट से जमानत पर छूटा है। इसके भाई करन सिंह के खिलाफ हत्या, जानलेवा हमला, गुंडा एक्ट आदि के तिलहर में 16 मुकदमे और मदनापुर थाना में 24 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से चार मामलों में इसे सजा हो चुकी है और हत्या के दो मामलों में इसे भी आजीवन कारावास की सजा हुई। इस समय हाइकोर्ट से हुई जमानत पर छूटा हुआ था और गत एक दिसंबर को दारोगा की पिटाई के मामले में जेल में बंद है। मदनापुर एसओ अमित कुमार सिंह के अनुसार,  इन दोनों के  खिलाफ चुनाव के दौरान पाबंदी की कार्यवाही के साथ ही गुंडा एक्ट और रेड कार्ड भी जारी किया गया था कि मतदान वाले दिन सिर्फ मतदान के लिए बूथ तक जाने की अनुमति दी गई थी।
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