सांसद कृष्णाराज के प्रयासों से परशुराम की जन्मस्थली तथा उसे जुड़े अन्य धार्मिक स्थलों को पर्यटन का दर्जा मिलकर उनके सौन्दर्यीकरण होने की उम्मीद एक बार पुन: बलवती होती नजर आ रही है। करीब चार महीने पहले भगवान परशुराम जन्म भूमि प्रबंध समिति की ओर से सांसद को ज्ञापन दिया गया था। शनिवार को यहां पहुंचे केन्द्रीय मंत्रालय के सर्वेयर विश्वजीत पांडेय ने मंदिर समेत कई स्थलों का निरीक्षण किया। पांडेय के अनुसार शीघ्र ही सर्वे रिपोर्ट मंत्रालय को सौंप दी जायेगी।
सर्वेयर पांडेय ने भगवान परशुराम मंदिर, रामताल के अलावा गांव ढकियाइन स्थित मां रेणुका मंदिर तथा शाहजहांपुर रोड स्थित उबरिया मंदिर का व्यापक सर्वे किया। पांडेय के अनुसार उनके द्वारा किये गये सर्वे में भगवान परशुराम जन्मभूमि के अलावा उनसे जुड़े उक्त तीनों स्थलों को जोड़कर उनका विकास तथा सौन्दर्यीकरण कराना प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने बताया कि सांसद के अनुरोध पर केन्द्रीय पर्यटन राज्यमंत्री महेश शर्मा के निर्देश पर वह यहां आये है। सर्वे के दौरान उन्होंने मंदिर के महंत सत्यदेव पांडेय से मंदिर से जुड़े इतिहास के बारे में भी विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान महंत ने उन्हें भगवान परशुराम की मूर्ति वाला चित्र भी भेंट किया। मालूम हो कि करीब चार महीने पहले सांसद से मिले परशुराम जन्म भूमि समिति के पदाधिकारियों ने उनसे जलालाबाद को पर्यटन स्थल का दर्जा देकर मंदिर तथा उससे जुड़े सभी धार्मिक स्थलों का सौन्दर्यीकरण कराये जाने की मांग की थी। इस दौरान सांसद प्रतिनिधि नीरज पाठक समेत कई भाजपा नेता मौजूद रहे।