कोई आसान नहीं है आसमान को नापना। और फिर महिलाआें के लिए तो कतई नहीं, लेकिन अपने जनपद में कुछ ऐसा ही है। इसे इत्तफाक नहीं कह सकते। कहीं न कहीं उनकी काबलियत, हिम्मत और योग्यता या कुछ कर गुजरने की लालसा ही उन्हें इस मुकाम तक लेकर आई है। जब महिला दिवस का जिक्र हो और ऐसे में मानसिक रूप से सशक्त उन महिलाओं की चर्चा न हो, जो इस समय प्रमुख पदों पर आसीन हैं, तो इस दिवस का क्या अर्थ रह जाएगा। आप बिल्कुल सही समझे। नीतू सिंह, कृष्णा राज और शुभ्रा सक्सेना, यही वे महिलाएं हैं, जो औरों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
जब आप सब यह जानते हैं तो यह भी जानते होंगे कि नीतू सिंह जिले की प्रथम महिला (जिला पंचायत अध्यक्ष) पद पर आसीन हैं, वहीं कृष्णा राज राजनैतिक पटल पर सांसद बन संसद में महिलाओं को प्रतिनिधित्व कर रही हैं और शुभ्रा सक्सेना प्रशासनिक स्तर पर जिले की मुखिया हैं, जिन्हें जिलाधिकारी के रूप में सभी जानते हैं। इनके अलावा कई अन्य महिलाएं भी हैं, जो न्यायिक क्षेत्र में डंका बजा रही हैं और अतिरिक्त मजिस्ट्रेट के रूप में वंदना त्रिवेदी भी महिलाओं को प्रेरणा देने का काम कर रही हैं।
ऐसा बहुत कम जनपदों में देखने को मिल पाता होगा कि तीनों प्रमुख पदों, जिला पंचायत अध्यक्ष, सांसद और डीएम की कुर्सी पर महिलाएं ही बिराजमान हों। तीनों महिलाएं अपने कार्य एवं व्यवहार से भी लोगों को प्रभावित कर रही हैं। महिला दिवस पर यह जनपद इन महिलाआें को पाकर जरूर गर्व कर रहा होगा।
ट्रेनों में छेड़खानी रोकने को सक्रिय रहेगी जीआरपी
शाहजहांपुर। ट्रेनों में महिलाओं के साथ छेड़खानी रोकने के लिए जीआरपी रोजाना कम से कम एक ट्रेन में चेकिंग करेगी। इसके लिए जीआरपी इंस्पेक्टर के निर्देशन में ‘एंटी इव टीजिंग’ का अभियान चलाया जाएगा।
इंस्पेक्टर डीके उपाध्याय ने बताया जीआरपी के अपर पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद और लखनऊ अनुभाग के एसपी आनंद कुलकर्णी ने ‘एंटी इव टीजिंग’ के जरिए छेड़खानी रोकने के कड़े निर्देश दिए हैं। इसके लिए अभियान की शुरुआत भी कर दी गई है। महिला बोगियों सहित अन्य बोगियाें में चेकिंग की जा रही है।
पेट की खातिर मूंगफली बेचतीं वृद्घा रामबेटी
लोधीपुर क्षेत्र की रहने वाली रामबेटी की उम्र 75 वर्ष के करीब है। इस उम्र में रोजी-रोटी की जुगाड़ में वह दिन भर मेहनत करती हैं। लोधीपुर की ओर जाने वालों की नजर एकबारगी उन पर पड़ती है, तो कुछ समय के लिए व्यक्ति ठिठककर सोच में पड़ जाता है कि इस उम्र में कोई इतनी मेहनत कैसे कर सकता है।
रामबेटी को बताया कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस रविवार को है। इस पर वह बोलीं कि ‘जौ का होत है। मोय का करिबौ जासै। हिअन तौ खाना तबहै मिलिए जब मूंगफली बिचिबै करी।’। बताया कि उन्हें तो सरकारी की ओर से मिलने वाली पेंशन आदि कुछ नहीं मिलता है, कहा कि लोधीपुर में ही वह चार सालों से मूंगफली बेचकर गुजारा कर रही हैं।