शैक्षिक सत्र 2015-16 की शुरुआत हो चुकी है। बावजूद इसके जिले में सैकड़ों
बगैर मान्यता प्राप्त स्कूल धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। बगैर मान्यता
प्राप्त स्कूलों का संचालन न सिर्फ देहात क्षेत्र बल्कि शहरी क्षेत्रों में
धड़ल्ले से हो रहा है। खंड शिक्षा अधिकारियों के खास तवज्जो न देने की वजह
से ऐसे स्कूल हजारों बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, जबकि
बीएसए ने इन स्कूलों पर लगाम कसने के निर्देश खंड शिक्षा अधिकारियों को दे
चुके हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग भी मानता है कि जिले में 219 विद्यालय
बगैर मान्यता के ही संचालित हो रहे हैं। इसमें 98 विद्यालयों के संचालकों
ने मान्यता के लिए आवेदन किया है। बगैर मान्यता वाले 149 स्कूलों को 149
विद्यालयों को वहां पर मिलने वाली आपत्तियों से अवगत कराया गया। इसमें 70
विद्यालयों के संचालकों ने मान्यता के लिए आवेदन ही नहीं किया गया। वहीं अब
तक 127 विद्यालयों को मार्च में नोटिस जारी किया जा चुका है। साथ ही 22
विद्यालयों की मान्यता आहरण किया जा चुका है। बगैर मान्यता लिए स्कूल
संचालित करने की वजह से उसमें पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के भविष्य पर संकट
खड़ा हो जाता है।
‘बगैर मान्यता वाले विद्यालयों को बंद कराने
के निर्देश खंड शिक्षा अधिकारियों को दिए जा चुके हैं। खंड शिक्षा
अधिकारियों ने इस पर काम शुरू कर दिया है। जल्द ही बगैर मान्यता के
विद्यालयों को बंद करवा दिया जाएगा।’
- राजेश वर्मा, बीएसए