कस्तूरबा स्कूलों में बायोमैट्री अटेंडेंस सिस्टम न लगाने के मामले को ठंडे बस्ते में डाले जाने पर ‘अमर उजाला’ में इसकी खबरों को प्रमुखता से छापा गया था। तब बीएसए ने बायोमैट्री करवाने की बात कही थी। इस मामले में वॉर्डन स्तर से लापरवाही बरती जा रही थी। बीएसए की सख्ती पर अब बायोमैट्रिक अटेंडेंस सिस्टम खरीद लिए गए हैं। इन्हें जल्द लगवा दिया जाएगा।
आखिर कस्तूरबा स्कूलों में बायोमैट्रिक सिस्टम लग ही जाएंगे। सभी 16 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों के लिए बायोमैट्रिक अटेंडेंस सिस्टम खरीदे जा चुके हैं। छात्राओं और स्टॉफ कर्मियों की बायोमैट्री कराकर इन्हें स्कूलों में इंस्टॉल किया जाना है। इनमें छात्राओं, शिक्षिकाओं के साथ विद्यालय के अन्य स्टॉफ की बायोमैट्री कराकर फीड किया जाएगा। इस संबंध में सर्व शिक्षा अभियान के सहायक वित्त लेखाधिकारी पीपी सिंह ने बताया कि एक बायोमैट्रिक सिस्टम खरीदने में करीब साढे़ नौ हजार रुपये खर्च किए गए हैं।
‘सोमवार से छात्राओं और कस्तूरबा विद्यालय के स्टॉफ की बायोमैट्री कराने का काम शुरू करवा दिया जाएगा। सभी विद्यालयों में एक सप्ताह के अंदर बायोमैट्री कराकर इंस्टाल करा दिया जाएगा।’
- राजेश वर्मा, बीएसए