नहीं मान रहे किसान, एसडीएम ने भेजा किसानों को नोटिस
प्रशासन साठा धान की नर्सरी डालने वाले किसानों पर नकेल कसने की तैयारी में लगा रहा, वहीं किसानों ने इसकी कोई परवाह नहीं करते हुए भारी क्षेत्रफल में साठा धान की नर्सरी डाल दी है। कई किसान नर्सरी डालने की तैयारी कर रहे हैं। एसडीएम ने नर्सरी डालने वाले किसानों को नोटिस जारी कर नर्सरी हटा लेने को कहा है।
पुवायां तहसील में साठा धान की फसल बड़े भूभाग में की जाती है। साल दर साल साठा का क्षेत्रफल बढ़ता जा रहा है। साठा धान को ज्यादा पानी की जरूरत होती है, इससे वाटर लेबिल नीचे गिरता जा रहा है और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है। पंजाब और हरियाणा में भी साठा धान की खेती बड़े क्षेत्रफल में की जाती थी। इससे हो रहे नुकसान हो देखते हुए पंजाब सरकार ने 2009 में पानी एक्ट लागू कर दिया। इसके तहत 10 जून से पहले धान नहीं लगाया जा सकता है। हरियाणा में कोई भी किसान 10 मई से पहले धान की नर्सरी तैयार नहीं कर सकता है।
जिले में भी साठा धान के प्रति हतोत्साहित करने के लिए जिला विकास अधिकारी ने जिला कृषि रखा अधिकारी को भेजे पत्र में साठा धान से हो रहे नुकसान पर चिंता जताते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए थे। सीडीओ के पत्र के क्रम में जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने जिले की समस्त कृषि रक्षा इकाई के प्रभारियों को भेजे पत्र में साठा धान की नर्सरी तैयार करने वाले किसानों की सूची तलब की थी। साठा की पौध डालने वाले किसानों को सक्षम स्तर से सीआरपीसी की धारा 133 के तहत नोटिस जारी किए जाने की चेतावनी भी दी गई थी, लेकिन किसानों ने इसके बाद भी नर्सरी डाल दी है।
इन किसानों को दिया गया नोटिस
पुवायां। एसडीएम की ओर से धारा 133 (1) सीआरपीसी के तहत दिए नोटिस में कहा गया है कि साठा से जल स्तर तेजी से गिर रहा है और इससे लोगों को समस्या पैदा हो सकती है। पुवायां के गांव औरंगाबाद के नौसे अली, लाड़ले अली, जियाउर्रहमान, नजर अहमद, अगौना खुर्द के रामेंद्र, शिव कुमार, योगेश्वर, समुलिया के राजीव, पुवायां के रमाकांत, झबरिया के रामप्रसाद, नरायन, बुद्धा, जारमानो के अरब सिंह यादव, बंडा के गांव शिवपुरी के निर्मल सिंह, परागू, महेश, रामप्रसाद, सिंधौली ब्लाक के गांव लालपुर के रामनेरश, सुखपाल, बादशाह, जोगेंद्रपाल, इंदलपुर के अनूप, रामगुलाम, गिरजाशंकर, संजीव, कुबेरपुर के धनसिंह, श्रीकृष्ण, उमेश, अनावा के चिश्राम सिंह, बब्बन खां, जगन्नाथ।
गुटैया पर सबसे ज्यादा डाली जा रही नर्सरी
पुवायां। क्षेत्र के गांव गंगसरा से गुटैया तक तमाम किसानों ने साठा की नर्सरी डाल रखी है, लेकिन नोटिस भेजे जाने वाले किसानों की सूची में यहां के किसान शामिल नहीं किए गए हैं। खुटार ब्लाक के तमाम गांवों के किसान भी नोटिस वाली सूची में नहीं हैं।
किसानों को जारी किए नोटिस
साठा धान डालने वाले तमाम किसानों को धारा 133 (1) के तहत नोटिस जारी किए गए हैं। किसानों को आदेशित किया गया है कि वह साठा धान की नर्सरी को तत्काल प्रभाव से हटा दें। किसानों को अपना पक्ष प्रस्तुत करने का समय दिया गया है। -रामशंकर, एसडीएम पुवायां