खुटार। मंगलवार दिन में घास काटने गई युवती को घायल करने वाला तेंदुआ गांव के पास ही घूम रहा है। रात में तेंदुआ गांव के स्कूल के पास देखे जाने से खलबली मच गई। लोगों के शोर मचाने पर तेंदुआ खेतों की ओर चला गया।
मंगलवार को घास काटने गई गांव छापाबोझी के जमालुद्दीन की 24 वर्षीय पुत्री इराज बानो पर गन्ने के खेत में छिपे तेंदुए ने हमला कर दिया था। पंजे लगने से इराज बानो घायल हो गई थी। इराज के साथ घास काटने गई नाजरीन के शोर मचाने पर आसपास खेतों से भी लोग मौके पर पहुंच गए थे और शोर मचाया, इस पर तेंदुआ गन्ने के अंदर चला गया था। घायल इराज बानो का इलाज चल रहा है।
गांव के जमालुद्दीन, राजीव, कृष्णपाल, उमर मोहम्मद, छत्रपाल, रामचंद्र, लाला, कुलदीप, दामोदर आदि ने बताया कि तेंदुए के कारण रात में वह लोग जाग रहे थे। इसी बीच रात करीब 11 बजे गांव के स्कूल के पास तेंदुआ दिखा। शोर मचाने पर गांव के अन्य लोगों ने भी शोर शराबा किया तो तेंदुआ खेतों की ओर चला गया। तेंदुए के गांव के आसपास घूमने से लोगों में दहशत है। गांव के लोगों ने बताया कि वन विभाग की टीम मंगलवार को आई थी और लोगों से सतर्क रहने की बात कह कर लौट गई। वनकर्मियों की लापरवाही से लोगों में रोष है।
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गांव के लोग बोले, घायल है तेंदुआ
जो तेंदुआ गांव छापाबोझी के पास देखा जा रहा है, वह घायल है। समझा जाता है कि शिकारी के खाबर में फंसकर घायल होने वाला तेंदुआ ही खेतों में है और घायल होने के कारण जंगल की ओर नहीं जा रहा है। घायल होने के कारण ही तेंदुआ इराज बानो पर घातक वार नहीं कर सका, जिससे उनकी जान बच गई।
गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व एक वन्य पशु के खाबर में फंसने और उसे निकालते समय शिकारी के घायल हो जाने की बात सामने आई थी, लेकिन वनकर्मियों ने मामले में लीपापोती कर दी थी। गांव छापाबोझी के लोगों का मानना है कि शिकारियों के खाबर में घुंसकर घायल होने वाला तेंदुआ ही था और घायल होने के कारण ही वह खेतों में छिपा हुआ है।
गांव छापाबोझी के महेश और विश्वास ने बताया कि वह लोग तीन दिन पूर्व खेत पर जा रहे थे। इस बीच तेंदुआ गन्ने के एक खेत से निकल कर दूसरे खेत में गया था। तेंदुआ लंगड़ा कर चल रहा था। स्कूल के पास तेंदुआ देखने वालों ने भी तेंदुए के लंगड़ा कर चलने की पुष्टि की है।
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पानी की तलाश में तालाब पर आते हैं वन्य पशु
पूर्व जिला पंचायत सदस्य शांति देवी के देवर कृष्णपाल ने बताया कि छापाबोझी गांव के पास जंगल है। वन्य पशु पानी पीने के लिए गांव के पूरब और उत्तर बने तालाबों पर आते हैं। इस कारण शिकारियों की नजर भी तालाब के आसपास रहती है और वह खाबर आदि लगा देते हैं। वन विभाग के लोग मामले को दबाते रहते हैं।
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कर्मचारियों को कैमरे लगाने को कहा गया है, जिससे पता लग सके कि छापाबोझी के पास कौन सा वन्य पशु घूम रहा है। कर्मचारियों को गांव के आसपास सतर्कता बरतने को भी कहा गया है।
-आदर्श कुमार, डीएफओ शाहजहांपुर
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बाघिन ने किया शिकार, ग्रामीणों में दहशत
खुदागंज (शाहजहांपुर)। करीब चार महीने से ग्रामीणों के लिए दहशत का कारण बनी बाघिन ने मंगलवार शाम एक पड़िया का शिकार कर लिया। इससे ग्रामीणों में दहशत है।
खुदागंज और मीरानपुर कटरा की सीमा पर बसे गांवों में शावकों संग घूम रही बाघिन कई पशुओं का शिकार कर चुकी है। मंगलवार शाम को फिर बाघिन ने मुतिया देहात माली गांव में एक पड़िया का शिकार कर लिया। गांव के वीरेंद्र सिंह ने वन विभाग की टीम को फोन कर हमले के बारे में जानकारी दी लेकिन वन विभाग की टीम ने वहां जाने की जरूरत नहीं समझी। ग्रामीणों का आरोप है कि टीम को मुतिया गांव के आसपास बाघिन के होने की सूचना दी गई लेकिन टीम वहां नहीं पहुंची। संवाद