खुटार (शाहजहांपुर)। घरेलू विवाद में गांव महोलिया वीरान निवासी 60 वर्षीय हरिपाल ने चारा लेकर घर आ रहीं पत्नी 58 वर्षीय लक्ष्मी की तमंचे से सीने पर गोली मार कर हत्या कर दी। आरोपी ने अपने बेटे को भी जान से मारने की नीयत से तमंचा लेकर दौड़ाया, लेकिन उसने गन्ने में छिपकर जान बचाई। दंपती आपसी मनमुटाव के कारण अपने दो पुत्रों के साथ अलग-अलग रहते थे।
हरिपाल के चार पुत्र नरोत्तम, जंगबहादुर, पप्पू और नन्हे हैं। दो पुत्रियों रामगुनी और रामदेवी की शादी हो चुकी है। हरिपाल बड़े पुत्र नरोत्तम का पक्ष लेता था और पत्नी लक्ष्मी देवी मंझले पुत्र जंगबहादुर का पक्ष लेती थी। इस कारण हरिपाल नरोत्तम के पास और लक्ष्मी देवी जंगबहादुर के पास रहती थीं। पप्पू और नन्हें अलग रहते हैं। हरिपाल पत्नी से इस बात से काफी नाराज था कि वह उसके साथ न रहकर पुत्र के साथ रहती है। इसको लेकर आए दिन विवाद भी होता था।
मंगलवार सुबह भी हरिपाल का पत्नी से विवाद हुआ था। इसके बाद से हरिपाल तमंचा लेकर पत्नी, पुत्र जंगबहादुर और पुत्रवधू को जान से मारने की धमकी दे रहा था। शाम करीब सवा पांच बजे लक्ष्मी देवी चारा लेकर लौट रही थीं। पहले से ही रास्ते में घात लगाए बैठे हरिपाल ने लक्ष्मी देवी के सीने पर तमंचे से गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तमंचा होने के कारण कोई भी हरिपाल को पकड़ने का साहस न जुटा सका।
पत्नी की हत्या करने के बाद हरपाल ने तमंचे में दूसरा कारतूस लगाया और गांव पहुंचकर बेटे जंगबहादुर को मारने के लिए दौड़ पड़ा। जंगबहादुर ने भागकर गन्ने के खेत में छिपकर जान बचाई। गांव के लोगों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने हरिपाल को पकड़ने का प्रयास किया तो उसने नाती विकास पर तमंचा तान दिया।
विकास भी मौके से भाग निकला। इसके बाद हरिपाल ने तमंचे से खुद के पेट में गोली मारने का प्रयास किया। गोली पेट से रगड़ती हुई निकली, जिससे वह मामूली घायल हो गया। पास खड़ा सिपाही फिरोज अली भी बाल-बाल बच गया।
पुलिस ने तमंचा छीनकर हरपाल को पकड़ लिया और सीएचसी भिजवाया। एसपी ग्रामीण दीक्षा भंवरे अरुण और सीओ प्रवीण मलिक ने भी मौका मुआयना कर घटना की जानकारी ली। संवाद