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Shahjahanpur News: रोडवेज बस से कुचलकर पत्नी-बेटे की मौत

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मृतका नसरीन व उनकी गोद में बेटा सूफियान। स्रोत: परिजन
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शाहजहांपुर। बरेली मोड़ पर सोमवार शाम सड़क पार कर रहे मां-बेटे रोडवेज बस से कुचल गए। सड़क पर गिरे नसरीन (35) और उनके दो साल के बेटे सूफियान के ऊपर से बस का पहिया गुजर गया। आंखों के सामने पत्नी और कलेजे के टुकड़े की मौत देखकर पति उस्मान बदहवास हो गया। हादसे के बाद चालक बस लेकर भाग गया। पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
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हरदोई के लोनार थाना क्षेत्र के सवायजपुर गांव निवासी उस्मान शुक्रवार को पत्नी नसरीन, बेटे सूफियान और बेटी आयशा के साथ अपनी मां सरबरी को शाहजहांपुर के सदर बाजार क्षेत्र के चौक आला खां स्थित बहन नाजमा और बहनोई मुबारक के घर छोड़ने आए थे। सोमवार शाम पूरा परिवार ई-रिक्शा से हरदोई लौटने के लिए बरेली मोड़ पहुंचा।
सड़क पार करते समय बरेली की ओर से तेज रफ्तार रोडवेज बस आई और नसरीन को जोरदार टक्कर लग गई। टक्कर लगते ही नसरीन और उनकी गोद में मौजूद दो साल का सूफियान उछलकर सड़क पर जा गिरे। लोगों ने शोर मचाकर बस चालक को रोकने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि चालक ने बस रोकने के बजाय रफ्तार बढ़ा दी। भागने के दौरान बस का पहिया सड़क पर गिरे मां-बेटे के ऊपर से गुजर गया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
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उस्मान अपनी गोद में बेटी आयशा को लिए पत्नी और बेटे को बचाने के लिए दौड़ा, लेकिन उसकी आंखों के सामने ही दोनों ने दम तोड़ दिया। चीख-पुकार सुनकर मौके पर भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच की। सीओ सिटी देवव्रत वाजपेयी ने बताया कि उस्मान की तहरीर पर अज्ञात रोडवेज बस चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। बस और चालक की तलाश की जा रही है।

उस्मान बोला- बस चालक रुक जाता तो शायद मेरी दुनिया नहीं उजड़ती
शाहजहांपुर। पत्नी नसरीन और दो साल के बेटे सूफियान को खोने के बाद उस्मान के पास अब सिर्फ पछतावा और दर्द है। बरेली मोड़ पर हुए हादसे के बाद वह बार-बार यही कहता रहा कि अगर बस चालक रुक जाता तो शायद उसकी पत्नी और बेटा आज जिंदा होते। आंखों के सामने दोनों की मौत ने उसे बदहवास कर दिया।
उस्मान दिल्ली में सिलाई का काम कर परिवार का पेट पालता है। 15 दिन पहले ही वह गांव लौटा था। उसकी मां सरबरी की इच्छा थी कि वह बेटी नाजमा के घर जाए। मां की यह इच्छा पूरी करने के लिए उस्मान पत्नी नसरीन, बेटे सूफियान और बेटी आयशा के साथ शाहजहांपुर आया था। उसे क्या पता था कि परिवार के साथ लौटने का यह सफर उसकी जिंदगी का सबसे दर्दनाक दिन बन जाएगा।
हादसे के समय उस्मान की गोद में बेटी आयशा थी। सड़क पार करते समय बस की टक्कर से नसरीन और सूफियान सड़क पर गिर गए। उस्मान उन्हें बचाने के लिए दौड़ा, लेकिन बस का पहिया दोनों के ऊपर से गुजर गया। उसकी आंखों के सामने पत्नी और बेटे ने दम तोड़ दिया।

इस हादसे ने परिवार के बच्चों के सिर से मां का साया छीन लिया। उस्मान के दर्द और बेबसी के बीच सबसे बड़ा सवाल यही था कि अगर चालक बस रोक देता, तो शायद उसकी पत्नी और बेटे की जान बच सकती थी। संवाद

बरेली मोड़ पर अतिक्रमण और वाहनों की भीड़ से बढ़ रहा हादसों का खतरा

शाहजहांपुर। बरेली मोड़ पर सड़क किनारे व्यावसायिक वाहनों और ई-रिक्शों की भीड़ के साथ अतिक्रमण से मुख्य मार्ग संकरा हो गया है। इससे राहगीरों को सड़क पार करने में परेशानी होती है और हादसों का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुछ दिन पहले भी यहां हादसे में साबिर की मौत हो गई थी। इसके बावजूद यातायात व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ है। सीआ यातायात रनवीर सिंह ने बताया कि बरेली मोड़ से जल्द ही अतिक्रमण हटवाया जाएगा। अगर अवैध वाहन खड़े होते हैं तो विभागीय समन्वय कर उनके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी। संवाद

मृतका नसरीन व उनकी गोद में बेटा सूफियान। स्रोत: परिजन

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