हाईवे-24 के चौड़ीकरण की खबर से तिलहरवासियों को लगा था कि अब धूल, गुबार और हटो-बचो से निजात मिलने का वक्त आ चुका है, लेकिन निर्माण कार्य के रुक-रुक कर होने से नगर वासियों और मुसाफिरों की खुशी काफूर होती नजर आई। हाईवे पर हर तरफ धूल, मिट्टी, कीचड़, सड़क में गढ्ढे नजर आने लगे। सड़क बनना तो दूर मरम्मत की भी आस टूटने लगी है। हालांकि भारी ट्रकों और ट्रालियों से लगने वाले जाम से आए दिन सामना होने लगा, लेकिन यात्री वाहनों, टैक्सी, रोडवेज व अन्य यात्रियों का आवागमन कम हो गया। इससे हाईवे किनारे बने ढाबे, रेस्टोरेंट व अन्य व्यवसाय दम तोड़ने लगे हैं। तिलहर बाईपास पर हाईवे किनारे लगभग ऐसे दर्जनों व्यवसाई हैं जो वाहनों से उड़ने वाली धूल और मिट्टी से अपने व्यवसाय को गंवा ही बैठे हैं साथ ही दमा और सांस के मरीज बनते जा रहे हैं। सड़क पर बने गढ्ढे और निर्माण के लिए खोदी गई खाइयां खुलेआम दुर्घटना को दावत देती प्रतीत हो रहीं हैं। स्थानीय व्यापारी फिदा हुसैन, नरेश चंद्र, राहुल, ओपी त्रिपाठी, सत्यपाल आदि का कहना है कि लंबे समय से ठप पड़े निर्माण कार्य को यदि जल्द ही शुरू न किया गया तो उनका रहा सहा व्यवसाय भी ठप हो जायेगा।
एसडीएम ने एरा को भेजा नोटिस
एसडीएम वंदना त्रिवेदी ने ऐरा कंपनी को नोटिस भेजकर ध्वस्त की गई बिल्डिंगों का मलबा हटाने, अधिग्रहीत भूमि का चिन्हीकरण करने तथा मकानों के अंदर लगाई जा रही 11 हजार की एचटी लाइन को व्यवस्थित ढंग से आवासीय भवनों से दूर रखने तथा रूट डायवर्जन के संकेतक लगाने के निर्देश दिए हैं।