शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मस्जिदगंज में कृषि विभाग की छापेमारी में पकड़े गए नकली खाद और पेस्टीसाइड कारखाने से बरामद नकली जिंक और कृषि रक्षा रसायन कार्टफ के नमूने भी लिए गए हैं। इन नमूनों की जांच करके यह पता लगाया जाएगा कि नकली उत्पादों को तैयार करने में किन चीजों का इस्तेमाल किया गया है।
परतापुर मेरठ की दयाल फर्टिलाइजर के बिक्री प्रतिनिधि और किसानों से कृषि विभाग को जिले में कंपनी की नकली जिंक और कार्टफ पेस्टीसाइड की बिक्री की सूचनाएं मिल रही थीं। इस तरह की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए कृषि और पुलिस विभाग के अफसरों ने मस्जिदगंज में एक मकान पर छापा मारकर वहां दो दुकानों में चलाया जा रहा नकली खाद कारखाना पकड़ा था।
छापा कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दुकान स्वामी समेत चार लोगों को गिरफ्तार करके वहां से भारी मात्रा में रॉ मैटेरियल के तौर पर खड़िया, मोरंग, कार्टफ के सैकड़ों रैपर, पैकिंग-स्टिचिंग मशीनें और तैयार नकली जिंक भी बरामद किया था। अफसरों ने सारा सामान जब्त करने के साथ नकली जिंक और कार्टफ रसायन के नमूने भी जांच को लिए।
जिला कृषि अधिकारी अखिलानंद पांडेय ने यह स्पष्ट नहीं किया कि नमूने जांच को कहां भेजे गए हैं। उन्होंने कहा कि विभाग की प्रयोगशालाएं मेरठ से लेकर लखनऊ तक कई जगह हैं, लेकिन गोपनीयता के लिहाज से यह बताना संभव नहीं कि नमूने किस लैब में भेजे गए हैं।
डीएओ पांडेय के अनुसार पुलिस स्तर से चालान हो जाने के कारण इस मामले में विभागीय जांच का कोई औचित्य नहीं रह गया। नमूनों की जांच सिर्फ यह पता लगाने के लिए की जा रही है कि नकली कृषि उत्पादों में किन-किन चीजों की खपत की जा रही थी।