शाहजहांपुर। वर्ष 2014 में गर्भवती बेटी और उसके प्रेमी की हत्या के मुकदमे की सुनवाई करते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोप सिद्ध होने पर लड़की के पिता और मां को उम्रकैद की सजा और 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
20 अगस्त 2014 को कलान थाने में दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक कलान क्षेत्र के गांव बाराकला निवासी मुकेश गुप्ता के घर कानपुर क्षेत्र के थाना बिल्हौर क्षेत्र के गांव महोदवां निवासी 28 वर्षीय प्रदीप कुमार किराये पर रहता था। प्रदीप यहां एक इंटर कॉलेज में प्राइवेट टीचर था। उसके संबंध मकान मालिक की नाबालिग बेटी से हो गए। इसी बीच किशोरी गर्भवती हो गई। जानकारी होने पर 19 अगस्त 2014 की रात 11:38 बजे मुकेश गुप्ता ने प्रदीप के भाई ब्रजेश गुप्ता के मोबाइल पर कॉल करके बताया कि तुम्हारे भाई ने उसकी नाबालिग बेटी को गर्भवती बना दिया है। प्रदीप से भी बताई, जिसने बताया कि मकान मालिक और उसकी पत्नी ने उसे कमरे में बंद कर रखा है और जान से मार देना चाहते हैं। अगले दिन वह मुकेश गुप्ता के घर पहुंचे तो वहां उनके भाई प्रदीप और मकान मालिक की बेटी के शव मिले। ब्रजेश ने मकान मालिक मुकेश और उसकी पत्नी सीमा गुप्ता पर दोनों की गला दबाकर हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय भेजा। फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकारी वकील आशीष त्रिपाठी ने नौ गवाह पेश किए। न्यायाधीश मोहम्मद कमर ने आरोप सिद्ध होने पर अभियुक्त मुकेश गुप्ता और सीमा गुप्ता को उम्रकैद की सजा और 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।