शाहजहांपुर। पुवायां थाने में बेटी की गुमशुदगी दर्ज कराने पहुंची महिला को खाना खिलाती सिपाही। सं
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पुवायां। पुत्र के लापता होने से दुखी और दो दिन से भूखी बड़ागांव निवासी रेशमा देवी थक-हारकर थाने पहुंचीं। वहां उन्होंने पुलिस को अपने कलेजे के टुकड़े के लापता होने की व्यथा सुनाई। मां की पीड़ा से द्रवित हुई महिला सिपाही ने उन्हें ढांढस बंधाया। इसके बाद थाने में ही उसे खाना खिलाया। फिर गुमशुदगी दर्ज की। इसके बाद राशन का सामान व नकदी दिलवाकर उन्हें घर तक छुड़वाया।
सोमवार दोपहर गांव बड़ागांव निवासी हीरालाल की पत्नी रेशमा देवी पुवायां थाने की हेल्प डेस्क पर पहुंचीं। वहां मौजूद महिला सिपाही ने उनकी समस्या पूछी तो वह रोने लगीं। सिपाही रिचा पांडेय ने उन्हें कुर्सी पर बैठाकर चुप कराया। रेशमा ने बताया कि उनका 26 वर्षीय बेटा राजपाल उर्फ झंडू 27 मार्च को बिना कुछ बताए कहीं चला गया है। पहले तो उसे इधर-उधर तलाशा गया, फिर नाते-रिश्तेदारियों में भी पता किया, लेकिन कहीं उसका सुराग नहीं चला। इकलौते बेटे के सहारे ही माता-पिता जीवन काट रहे हैं। राजपाल ही घर में कमाने वाला था। घर में खाना बनाने का सामान भी खत्म हो गया था।
इसी वजह से घर में दो दिन से खाना भी नहीं बना था। थक-हारकर भूखी-प्यासी रेशमा सोमवार को थाने में पुलिस की मदद लेने पहुंचीं। महिला सिपाही रिचा पांडेय ने इसकी जानकारी इंस्पेक्टर केबी सिंह को दी। उन्होंने पीड़िता को पहले खाना मंगवाकर खिलवाया। इसके बाद पुत्र के लापता होने की गुमशुदगी दर्ज की। बाद में आटा, चावल, गेहूं, आलू, तेल, दाल आदि सामान और दो हजार रुपये देकर रेशमा को अपनी गाड़ी से घर तक छोड़ा। थाना प्रभारी ने एसआई राकेश कुमार सिंह को लापता राजपाल की तलाश करने की जिम्मेदारी दी है।
शाहजहांपुर। पीड़ित महिला को राशन सामग्री देती सिपाही रुची पांडेय। संवाद- फोटो : POWAYAN