मूल्य समर्थन योजना के तहत गेहूं की सरकारी खरीद को पहले ही दिन महावीर जयंती के अवकाश का ग्रहण लग गया। मंडियों की गल्ला आढ़तों पर गेहूं की आवक शुरू होने के बावजूद क्रय केंद्रों का स्टाफ छुट्टी मनाने में मशगूल रहा। इस कारण तमाम केंद्रों पर बारदाना, कांटा-बांट, टेंट-शामियाना आदि व्यवस्थाएं भी पूरी नहीं हो पाईं। दूसरी ओर, गल्ला आढ़तियों ने नमी ज्यादा बताकर किसानों का गेहूं कम दामों पर खरीदकर अपनी जेबें भरनी शुरू कर दी हैं।
एजेंसी वार गेहूं क्रय केंद्र
0 पीसीएफ 88
0 यूपीएसएस 28
0 मार्केटिंग विभाग 13
0 यूपी एग्रो 09
0 भारतीय खाद्य निगम 08
0 आवश्यक वस्तु निगम 06
0 कर्मचारी कल्याण निगम 03
25 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदेगी एफसीआई
‘भारतीय खाद्य निगम को स्टेट पूल से अलग 25 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया गया है। पिछले साल मार्केट रेट समर्थन मूल्य से अधिक होने के कारण 2.24 लाख मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष सिर्फ 11.17 फीसदी खरीद हो पाई। आज अवकाश के कारण सेंटर बंद रहे। इसलिए शुक्रवार से केंद्रों पर अधिकतम 12 फीसदी नमी वाले गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हो जाएगी।’
- कौशल देव, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
रोजा मंडी की आढ़तों पर पहुंचा 30 हजार क्विंटल गेहूं
रोजा। मंडी में पिछले दो दिनों में लगभग 30 हजार क्विंटल गेहूं की आवक हुई है। किसानों की सुविधा के लिये सात क्रय केन्द्र खोले जाने हैं, लेकिन बृहस्पतिवार को महावीर जयंती का अवकाश होने के कारण कोई क्रय केन्द्र नहीं खुल सका। सेंटर नहीं खुलने से सरकार द्वारा घोषित 1450 रुपये प्रति क्विंटल की बजाय किसानों को 1300 रुपये प्रति क्विंटल के भाव गेहूं बेचना पड़ा। कम दाम मिलने से मायूस किसान भी मानते हैं कि उनका गेहूं सरकार द्वारा तय किए गए नमी मानक को पूरा नहीं करता।
‘हमारे यहां नये गेहूं की आवक शुरू हो गई है, लेकिन अवकाश होने के कारण आज क्रय केन्द्र नहीं खुल सके। शुक्रवार को सभी क्रय केन्द्रों पर गेहूं की खरीद शुरू होने की उम्मीद है।’
-शिवमंगल सिंह चंदेल, सचिव, रोजा मण्डी
‘किसानों द्वारा जो गेहूं मंडी लाया जा रहा है वह नमीयुक्त और कंबाइन का कटा है जो सरकार के मानक को पूरा नहीं करता है। फिर भी हम किसानों को ज्यादा से ज्यादा मूल्य दिलाने का प्रयास कर रहे है।’
-विनीत शुक्ला, गल्ला कारोबारी, रोजा मंडी
‘हमारा गेहूं रोजा मंडी आया है। यहां कोई सेंटर नहीं खुला है। अभी गेहूं नम होने के कारण आढ़ताें पर 13 सौ का जो रेट मिल रहा है, हम उसी से संतुष्ट हैं क्योंकि ऐसा गेहूं सरकारी सेंटर वाले लेने से रहे।’
-करनैल सिंह, किसान, मोहम्मदी
पुवायां में फर्जीवाड़े की तैयारी में जुटे नेताओं के गुर्गे
पुवायां। जिले में सर्वाधिक अन्न उत्पादन करने वाली तहसील में गेहूं खरीद सेंटर बृहस्पतिवार को चालू नहीं हो सके। तहसील में स्वीकृत कुल 51 सेंटर में पुवायां मंडी में मात्र तीन केंद्र लग सके हैं, लेकिन पहले दिन खरीद शून्य रही। केवल बैनर टांगकर सेंटर शुरू करने की औपचारिकता पूरी की गई है। क्षेत्र के तमाम सेंटर नेताओं के करीबियों ने हथिया लिए हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि नेता पर्दे के पीछे रह कर सेंटर पर हैंडलिंग और ट्रांसपोर्टेशन का काम खुद करना चाहते हैं। चर्चा है कि किसानों के नाम से बैंक में फर्जी खाते भी खुलवाए गए हैं, जिससे नेताओं के चहेतों को गेहूं का भुगतान लेने में कोई समस्या न हो।
‘शुक्रवार से सभी सेंटर सक्रिय किए जाएंगे। बृहस्पतिवार को खरीद नहीं हो सकी। शुक्रवार से गेहूं खरीद सुचारू होने की संभावना है। गेहूं उतार की व्यवस्था भी अभी ठीक नहीं है।’
-ब्रजभान, मंडी सचिव, पुवायां
तिलहर में खरीद केंद्रों पर हावी हैं अव्यवस्थाएं
तिलहर। मंडी के दोनों क्रय केंद्रों पर आज से खरीद की सरकारी घोषणा किसानों के लिए हवा हवाई साबित हुई। गेहूं लेकर मंडी पहुंचे किसानों को न तो खरीद केंद्र दिखाई दिये न ही कांटे बांट और न ही कोई कर्मचारी। यही हाल राजनपुर, समधाना, धनेली व खंडसार में खोले गए चार अन्य क्रय केंद्रों का रहा। गुरूवार को कोई भी सेंटर खुला नहीं पाया गया। ग्राम पुरायुं के मुकेश शर्मा, रतनपुर के सुबोध कुमार, फतेहपुर गैसरा के धीरेंद्र सिंह यादव, शेरगढ़ के विश्राम आदि ने बताया कि केंद्र चालू न होने पर उन्होंने अपना गेहूं व्यापारियों को औने-पौने दामों में बेचा है।
जलालाबाद में चालू नहीं हो सका कोई क्रय केंद्र
जलालाबाद। मंडी में गेहूं की आवक शुरू हो जाने के बाद भी क्षेत्र में अभी कोई भी क्रय केंद्र शुरू नहीं हो सका है। हालत यह है कि मंडी को स्वीकृत आरएफसी का सेंटर भी अभी तक चालू नहीं हुआ। बृहस्पतिवार को साप्ताहिक बाजार के चलते मंडी में आया गेहूं आढ़तों पर 1250 से लेकर 1300 रुपये प्रति क्विंटल में बिका। क्षेत्र के गंाव मंगटोरा, याकूबपुर तथा साधन सहकारी समिति मनोरथपुर, धर्मपुर, कोठी वाला बाग और दिबियापुर विभिन्न एजेंसियों के आठ केंद्र स्वीकृत हैं, लेकिन यह सेंटर पहले दिन शुरू नहीं हो सके।